दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने गुजरात टाइटंस (GT) को 5 विकेट से हराकर लगातार दूसरी बार खिताब अपने नाम कर लिया. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में कई ऐसे पल आए, जिन्होंने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया.
आरसीबी की अनुशासित गेंदबाजी, विराट कोहली की शानदार पारी और दबाव में टीम की सूझबूझ ने जीत की मजबूत नींव रखी.
टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी आरसीबी ने शुरुआत से ही गुजरात के बल्लेबाजों पर शिकंजा कस दिया. जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार ने नई गेंद का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए गुजरात के दोनों प्रमुख सलामी बल्लेबाजों को जल्दी पवेलियन भेज दिया.
शुभमन गिल और साई सुदर्शन के आउट होने के बाद गुजरात की बल्लेबाजी लय नहीं पकड़ सकी. पूरे सीजन में टीम को मजबूत शुरुआत दिलाने वाली यह जोड़ी फाइनल में प्रभाव छोड़ने में नाकाम रही. शुरुआती झटकों के बाद निशांत सिंधु, जोस बटलर और अन्य बल्लेबाज भी बड़ी साझेदारी नहीं बना सके.
मध्यक्रम में वॉशिंगटन सुंदर ने संघर्षपूर्ण अर्धशतक लगाकर टीम को संभालने की कोशिश जरूर की, लेकिन दूसरी ओर लगातार विकेट गिरते रहे. रसीख सलाम दार ने तीन विकेट लेकर गुजरात की मुश्किलें और बढ़ा दीं, जबकि भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड ने भी अहम सफलताएं हासिल कीं. नतीजतन गुजरात टाइटंस 20 ओवर में 155 रन ही बना सकी.
156 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी को वेंकटेश अय्यर ने तेज शुरुआत दिलाई. उन्होंने कुछ आकर्षक शॉट लगाकर गुजरात के गेंदबाजों पर दबाव बनाया. हालांकि, उनके आउट होने के बाद आरसीबी ने थोड़े-थोड़े अंतराल पर विकेट गंवाए.
देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार और क्रुणाल पांड्या के जल्दी आउट होने से एक समय टीम का स्कोर 91 रन पर चार विकेट हो गया था. ऐसे में मैच रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया.
यहीं से विराट कोहली ने जिम्मेदारी निभाई. उन्होंने टिम डेविड के साथ मिलकर पारी को स्थिरता दी और जल्दबाजी से बचते हुए स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाया. दोनों बल्लेबाजों ने गुजरात के स्पिन और तेज आक्रमण को धैर्य के साथ खेला. टिम डेविड ने महत्वपूर्ण रन जोड़कर दबाव कम किया, जबकि विराट लगातार रन बनाते रहे और टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया.
इसके अलावा, पारी के अंतिम चरण में आरसीबी को जीत के लिए ज्यादा रन नहीं चाहिए थे, लेकिन गुजरात आखिरी कोशिश में मैच को लंबा खींचना चाहती थी. विराट कोहली और जितेश शर्मा ने संयम बनाए रखा और किसी भी तरह की गलती से बचते हुए लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाए.
18वें ओवर में विराट ने पहले एक चौका लगाकर स्कोर बराबर किया और अगली ही गेंद पर लंबा छक्का जड़ते हुए मुकाबला खत्म कर दिया, जैसे ही गेंद सीमा रेखा के पार गई, पूरा स्टेडियम आरसीबी के समर्थकों के उत्साह से गूंज उठा.
विराट कोहली की नाबाद 75* रन की पारी फाइनल की सबसे बड़ी कहानी बनकर सामने आई. उनके विजयी शॉट ने आरसीबी को लगातार दूसरा आईपीएल खिताब दिलाया और टीम के शानदार सफर को यादगार मुकाम तक पहुंचा दिया.
फाइनल में आरसीबी ने हर विभाग में बेहतरीन प्रदर्शन किया. गेंदबाजों ने गुजरात को बड़े स्कोर से दूर रखा, बल्लेबाजों ने दबाव में संयम दिखाया और कप्तान रजत पाटीदार की रणनीति भी सफल रही. क्रुणाल पांड्या सहित पूरी टीम ने सामूहिक योगदान दिया, जिसकी बदौलत बेंगलुरु ने एक बार फिर आईपीएल ट्रॉफी पर कब्जा जमाया.
गौरतलब है कि यह जीत महज एक ट्रॉफी हासिल करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के वर्षों के समर्पण और निरंतर मेहनत की शानदार कहानी बन गई. लगातार दूसरी बार चैंपियन बनकर टीम ने साबित कर दिया कि सफलता उन्हीं को मिलती है, जो चुनौतियों के बीच भी अपने लक्ष्य पर टिके रहते हैं.

