दिल्ली: बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए इंडियन प्रीमयर लीग (IPL) 2026 के फाइनल मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने अपनी स्विंग गेंदबाजी से बड़ा इतिहास रच दिया.
गुजरात टाइटंस (GT) के खिलाफ खिताबी मुकाबले में उन्होंने एक ख़ास मामले में पहला स्थान हासिल किया.
टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को शुरुआत में ही विकेटों की दरकार थी और भुवनेश्वर कुमार ने कप्तान के भरोसे को सही साबित किया. गुजरात टाइटंस की पारी के चौथे ओवर में उन्होंने शानदार इन-स्विंग गेंद पर साई सुदर्शन को पवेलियन भेजकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली.
यह विकेट इस सीजन में पावरप्ले के दौरान उनका 17वां शिकार था. इसी के साथ उन्होंने आईपीएल के एक सीजन में शुरुआती छह ओवरों के भीतर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज के रूप में मोहम्मद शमी की बराबरी कर ली. शमी ने यह उपलब्धि आईपीएल 2023 में गुजरात टाइटंस की ओर से खेलते हुए हासिल की थी.
भुवनेश्वर कुमार के 17 पावरप्ले विकेट अब उन्हें भारतीय गेंदबाजों की सूची में मोहम्मद शमी के साथ संयुक्त रूप से पहले स्थान पर ले आए हैं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट के उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने आईपीएल 2020 में पावरप्ले के दौरान 16 विकेट झटके थे.
हालांकि, आईपीएल इतिहास में एक सीजन के दौरान पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड अभी भी दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा के नाम दर्ज है. आईपीएल 2026 में रबाडा ने शुरुआती छह ओवरों के भीतर 19 बल्लेबाजों को आउट कर यह नया कीर्तिमान स्थापित किया है. भुवनेश्वर कुमार फिलहाल इस रिकॉर्ड से केवल दो विकेट दूर हैं.
आईपीएल 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेलते हुए भुवनेश्वर कुमार ने लगातार प्रभावशाली गेंदबाजी की. उन्होंने 16 पारियों में 28 विकेट हासिल किए हैं. इस दौरान उनका गेंदबाजी औसत 17.82 रहा, जबकि उन्होंने 7.94 की इकोनॉमी रेट से रन खर्च किए. सीजन में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 23 रन देकर 4 विकेट रहा.
सीजन की शुरुआत से पहले कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना था कि भुवनेश्वर कुमार अपने करियर के अंतिम दौर में पहुंच चुके हैं, लेकिन अनुभवी तेज गेंदबाज ने अपने प्रदर्शन से सभी सवालों का जवाब दे दिया. बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाने वाली चिन्नास्वामी की पिच पर भी उन्होंने लगातार विकेट निकालकर अपनी उपयोगिता साबित की.

