दिल्ली: अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान होने के बाद BCCI की नई चयन नीति चर्चा में आ गई है. टीम में नितीश कुमार रेड्डी, जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर और हर्षित राणा के नाम के आगे स्टार लगाया गया है.
इसका मतलब है कि इन खिलाड़ियों की फिटनेस पर अभी पूरी तरह मुहर नहीं लगी है. हाल के दिनों में चोटिल खिलाड़ियों के मामले में आलोचना झेल रहे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI ने अब फिटनेस को लेकर अपना तरीका बदलने का फैसला किया है.
क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI अब किसी खिलाड़ी को टीम में तभी शामिल करना चाहता है, जब उसकी फिटनेस को लेकर पूरी तरह भरोसा हो. बोर्ड से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि अब सिर्फ 100 फीसदी नहीं, बल्कि खिलाड़ी की उपलब्धता को लेकर 200 फीसदी तक भरोसा होने के बाद ही उसे टीम में शामिल करने की कोशिश की जाएगी.
हाल के महीनों में BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर चोटिल खिलाड़ियों के मैनेजमेंट को लेकर सवाल उठे थे. हर्षित, बुमराह, सुंदर और रेड्डी जैसे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय टीम में चुना गया, लेकिन मैदान पर कुछ समय बिताने के बाद ही उन्हें चोट के कारण बाहर होना पड़ा.
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण ने भी बोर्ड की नई नीति को लेकर बात की है. उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को भी पता होता है कि वे राष्ट्रीय सीरीज में खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं या नहीं.
लक्ष्मण के मुताबिक, फिटनेस रिपोर्ट और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता रखी जा रही है. अगर किसी खिलाड़ी को फिटनेस की शर्त पर टीम में चुना जाता है, तो इसका साफ उल्लेख किया जाता है. अगर वह फिटनेस टेस्ट पास नहीं कर पाता है, तो चयनकर्ताओं के पास उसकी जगह लेने वाले खिलाड़ी का विकल्प भी मौजूद रहता है.
BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने खिलाड़ियों के नाम के आगे स्टार लगाए जाने की वजह भी बताई. उन्होंने कहा कि आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय सीरीज से 3 से 4 हफ्ते पहले टीम का चयन कर लिया जाता है. ऐसे में चयन के दिन अगर कोई खिलाड़ी फिट नहीं है, तो उसे सीधे टीम से बाहर नहीं किया जाता.
सैकिया के मुताबिक, अगर खिलाड़ी अगले 21 या 28 दिनों में फिट हो जाता है, तो वह टीम के साथ जुड़ सकता है. इसी वजह से कुछ खिलाड़ियों को फिटनेस की शर्त के साथ टीम में शामिल किया जाता है.
अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए चुने गए खिलाड़ियों में बुमराह और रेड्डी की स्थिति फिलहाल बेहतर बताई जा रही है. दोनों के 13 सितंबर को दिल्ली में होने वाले सीरीज के पहले मैच तक पूरी तरह फिट होने की उम्मीद है.
वहीं, हर्षित और सुंदर की फिटनेस को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन दोनों खिलाड़ियों को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता. BCCI की नई नीति का मकसद चोटिल खिलाड़ियों को जल्दबाजी में टीम में शामिल करने से बचना और चयन के दौरान फिटनेस को लेकर ज्यादा पारदर्शिता रखना है.

