दिल्ली: आईसीसी ने सोमवार को महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम ऑफ द टूर्नामेंट का ऐलान कर दिया. भारतीय टीम भले ही इस बार सेमीफाइनल में जगह बनाने में नाकाम रही, लेकिन बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर इस प्रतिष्ठित टीम में जगह बनाई. श्री चरणी टूर्नामेंट में भारत की ओर से चुनी जाने वाली इकलौती खिलाड़ी रहीं.
उन्होंने पांच मैचों में 14 विकेट लेकर पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बनने का रिकॉर्ड बनाया.
श्री चरणी ने पूरे टूर्नामेंट में लगातार प्रभावशाली गेंदबाजी की. उन्होंने खेले गए सभी पांच मुकाबलों में कम से कम दो विकेट जरूर लिए. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ग्रुप स्टेज में नीदरलैंड्स के खिलाफ आया, जहां उन्होंने 4/19 के शानदार आंकड़े दर्ज करते हुए भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई.
रिकॉर्ड सातवीं बार महिला टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम का इस टीम ऑफ द टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा दबदबा देखने को मिला. ऑस्ट्रेलिया की चार खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया. टीम की कप्तानी सोफी मोलिन्यूक्स को सौंपी गई, जिन्होंने सात मैचों में 11 विकेट लेकर टूर्नामेंट की दूसरी सबसे सफल गेंदबाज बनने का कारनामा किया. विकेटकीपर के रूप में बेथ मूनी को चुना गया, जबकि एलिस पेरी और एशले गार्डनर भी टीम का हिस्सा बनीं.
उप-विजेता इंग्लैंड की ओर से सलामी बल्लेबाज डैनी वायट-हॉज और कप्तान नैट साइवर-ब्रंट को टीम में जगह मिली. आयरलैंड की ऑर्ला प्रेंडरगास्ट, श्रीलंका की निलाक्षिका सिल्वा, दक्षिण अफ्रीका की मारिजान कैप और पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना भी टीम ऑफ द टूर्नामेंट का हिस्सा बनीं.
इसके अलावा, स्कॉटलैंड की सलामी बल्लेबाज डार्सी कार्टर को 12वें खिलाड़ी के रूप में चुना गया. वह महिला टी20 वर्ल्ड कप की टीम ऑफ द टूर्नामेंट में जगह बनाने वाली स्कॉटलैंड की पहली क्रिकेटर बन गई हैं.
इंग्लैंड की डैनी वायट-हॉज ने पूरे टूर्नामेंट में 302 रन बनाए और महिला टी20 वर्ल्ड कप के एक संस्करण में 300 से ज्यादा रन बनाने वाली पहली खिलाड़ी बन गईं. वहीं, फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 64 रन की मैच जिताऊ पारी खेलने वाली बेथ मूनी ने इतिहास रच दिया. उन्होंने दूसरी बार प्लेयर ऑफ द फाइनल और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट दोनों अवॉर्ड जीतने का कारनामा किया, जो महिला टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार हुआ है.

