दिल्ली: इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान क्रिकेट टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है. शुरुआती दो टेस्ट मैचों में लगातार हार के बाद टीम के भीतर कई बड़े बदलाव किए गए हैं. इसी बीच, सलामी बल्लेबाज इमाम उल हक की चोट को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं.
अब मामला पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की जांच तक पहुंचता दिखाई दे रहा है.
रिपोर्ट के अनुसार, पीसीबी मामले की जांच के लिए समिति बना सकता है. इमाम को चोट और बल्लेबाजी नहीं करने को लेकर जवाब देना पड़ सकता है.
इमाम को इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दौरान पिंडली की मांसपेशियों में चोट लगी थी. पाकिस्तान टीम प्रबंधन के अनुसार, पहले दिन फील्डिंग करते समय उन्हें यह परेशानी हुई. जांच के बाद उनकी मांसपेशी में खिंचाव और चोट की पुष्टि होने की बात कही गई और उन्हें आगे की टेस्ट सीरीज से बाहर कर दिया गया.
हालांकि, विवाद तब बढ़ गया, जब इमाम दूसरे टेस्ट की दोनों पारियों में बल्लेबाजी के लिए मैदान पर नहीं उतरे. इसी दौरान, मैच के चौथे दिन उन्हें पट्टी बांधकर अभ्यास करते और गेंदबाजों की थ्रोडाउन का सामना करते हुए देखा गया. इस तस्वीर के सामने आने के बाद उनकी चोट की गंभीरता को लेकर चर्चा शुरू हो गई.
पाकिस्तान के चयनकर्ता आकिब जावेद ने भी इस पूरे मामले पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि अगर किसी खिलाड़ी को मांसपेशी से जुड़ी समस्या है, तो भी कई क्रिकेटर चोट के बावजूद टीम के लिए बल्लेबाजी करने की कोशिश करते रहे हैं.
आकिब के मुताबिक, इमाम का दोनों पारियों में बल्लेबाजी के लिए नहीं आना चिंता का विषय है. उन्होंने साफ संकेत दिया कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और जांच के बाद जरूरी कार्रवाई की जा सकती है.
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड इस मामले की पड़ताल के लिए एक जांच समिति बना सकता है. इमाम उल हक को समिति के सामने अपनी चोट और मैच में बल्लेबाजी नहीं करने को लेकर जवाब देना पड़ सकता है. बताया जा रहा है कि इस स्थिति में इमाम कानूनी सलाह भी ले सकते हैं. हालांकि, अभी तक इस मामले में उनके खिलाफ किसी अंतिम कार्रवाई की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.
अब इमाम की चोट को लेकर होने वाली जांच यह तय करेगी कि इस पूरे मामले में उनकी स्थिति क्या रहती है.

