दिल्ली: कर्नाकट की राजधानी बेंगलुरु में हाल ही में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेल सहयोग को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया. ऑस्ट्रेलिया के सहायक मंत्री जूलियन हिल ने शहर में ऑस्ट्रेलिया के नए महावाणिज्य दूतावास के उद्घाटन के दौरान भारत-ऑस्ट्रेलिया एक्वाटिक कोचिंग एक्सीलेंस कार्यक्रम की शुरुआत की.
इस पहल का उद्देश्य भारतीय तैराकी कोचों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण उपलब्ध कराना और दोनों देशों के बीच खेल संबंधों को और मजबूत बनाना है.
जूलियन हिल ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच क्रिकेट मुकाबले पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित करते हैं, लेकिन दोनों देशों के रिश्तों को केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं रहना चाहिए. उनके अनुसार, खेलों के विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाकर दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सांस्कृतिक जुड़ाव को नई मजबूती दी जा सकती है.
इस कार्यक्रम को स्विमिंग ऑस्ट्रेलिया, स्विमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया, स्विमिंग विक्टोरिया और बेंगलुरु स्थित स्विमिंग मैटर्स के सहयोग से संचालित किया जाएगा. पहले चरण के लिए छह युवा भारतीय तैराकी कोचों का चयन किया गया है. ये सभी इस वर्ष ऑस्ट्रेलिया जाकर विशेषज्ञों की देखरेख में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे और आधुनिक कोचिंग तकनीकों का अनुभव हासिल करेंगे.
हिल ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों मजबूत लोकतांत्रिक देश हैं और ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के लगभग दस लाख लोग रहते हैं. ऐसे में खेल सहयोग दोनों देशों के रिश्तों का स्वाभाविक हिस्सा बन चुका है. उन्होंने बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने मेलबर्न में भारत-ऑस्ट्रेलिया खेल रोडमैप पर सहमति जताई है.
साथ ही, वर्ष 2032 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया करेगा, जबकि भारत अगर 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी को अंतिम रूप देता है, तो ऑस्ट्रेलिया उसके प्रयासों का समर्थन करने और अनुभव साझा करने के लिए तैयार रहेगा.

