दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क के पास बांग्लादेश के खिलाफ 13 अगस्त से शुरू होने वाली दो मुक़ाबलों की टेस्ट सीरीज में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने का मौका होगा.
स्टार्क ने अब तक अपने टेस्ट करियर में 433 विकेट लिए हैं. अगर वह इस सीरीज में 7 विकेट और लेने में सफल रहते हैं तो वे भारत के महान ऑलराउंडर कपिल देव और दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज तेज गेंदबाज डेल स्टेन के विकेटों के आंकड़े को पीछे छोड़ देंगे.
हालांकि, स्टार्क का मानना है कि उनके लिए व्यक्तिगत रिकॉर्ड से कहीं अधिक अहम, टीम की जीत है. उनका कहना है कि जब खिलाड़ी मैदान पर उतरता है तो उसका पूरा ध्यान टीम के प्रदर्शन पर होता है. उन्होंने कहा कि इतने बड़े खिलाड़ियों के साथ अपना नाम जुड़ना गर्व की बात है, लेकिन मैच के दौरान उनका ध्यान केवल ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलाने पर रहता है. उनके अनुसार, व्यक्तिगत उपलब्धियां बाद में आती हैं, जबकि टीम की सफलता हमेशा सबसे ऊपर होती है.
ऑस्ट्रेलिया की टीम इस समय आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर है. ऐसे में बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली यह सीरीज टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इसके बाद, ऑस्ट्रेलिया को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलनी है, जबकि आगे न्यूजीलैंड और भारत के कठिन दौरों का भी सामना करना होगा. ऐसे चुनौतीपूर्ण कार्यक्रम को देखते हुए हर मैच और हर अंक टीम के लिए काफी अहम रहेगा.
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र में मिचेल स्टार्क लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने अब तक आठ टेस्ट मैचों में 46 विकेट लेकर सबसे सफल गेंदबाजों में अपनी जगह बनाई है. वहीं, इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई एशेज सीरीज में भी उन्होंने 31 विकेट लेकर अपनी धारदार गेंदबाजी का शानदार प्रदर्शन किया था.
36 वर्षीय स्टार्क का कहना है कि लंबे समय तक अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में टिके रहने के लिए लगातार सीखना और खुद को बेहतर बनाना बेहद जरूरी होता है. उन्होंने बताया कि समय के साथ उन्होंने अपनी फिटनेस, गेंदबाजी की तकनीक और रणनीति में कई छोटे-छोटे बदलाव किए, जिनका फायदा उन्हें लगातार मिला. स्टार्क का मानना है कि जो खिलाड़ी समय के साथ खुद में सुधार करता रहता है, वही लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर सफल बना रह सकता है.

