दिल्ली: भारतीय टेस्ट टीम में मोहम्मद शमी (Mohammad Shami) की वापसी को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है. एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर अनुभवी तेज गेंदबाज को टेस्ट टीम में वापस लाने के पक्ष में नहीं हैं.
हालांकि, इस दावे की अभी तक बीसीसीआई, गौतम गंभीर या खुद मोहम्मद शमी की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
'क्रिकब्लॉगर' की रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद शमी की टेस्ट टीम में वापसी को लेकर भारतीय क्रिकेट में अलग-अलग राय है. रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ चयनकर्ता अभी भी शमी को टेस्ट क्रिकेट के लिए मजबूत विकल्प मानते हैं, लेकिन गौतम गंभीर उनकी वापसी को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं.
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि शमी को लगता है कि लंबे समय से टेस्ट टीम से बाहर रहने की एक बड़ी वजह टीम मैनेजमेंट का यही रुख है.
बता दें कि पिछले दो वर्षों में मोहम्मद शमी कई बार चोटों से जूझ चुके हैं. यही कारण है कि उनकी फिटनेस और वर्कलोड मैनेजमेंट को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं.
इसी साल चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर ने भी कहा था कि शमी टी20 क्रिकेट खेलने के लिए फिट हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट की लंबी और कठिन चुनौतियों के लिए उन्हें अभी पूरी तरह तैयार नहीं माना जा सकता.
फिटनेस को लेकर सवाल जरूर हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में मोहम्मद शमी का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है. उन्होंने भारत के लिए 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट लिए हैं. इस दौरान उनका गेंदबाजी औसत 27.71 रहा है और उन्होंने छह बार एक पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा भी किया है.
इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड जैसी मुश्किल विदेशी परिस्थितियों में भारत की कई यादगार जीतों में शमी की भूमिका अहम रही है.
भारतीय टीम अब भविष्य को ध्यान में रखते हुए युवा तेज गेंदबाजों को लगातार मौके दे रही है. जसप्रीत बुमराह पेस अटैक की अगुआई कर रहे हैं, जबकि मोहम्मद सिराज टीम के अनुभवी गेंदबाज के रूप में मौजूद हैं.
इसके अलावा प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा और आकाश दीप जैसे युवा गेंदबाजों को भी लगातार मौके दिए जा रहे हैं, ताकि अगली वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिए मजबूत तेज गेंदबाजी आक्रमण तैयार किया जा सके.
मोहम्मद शमी के अनुभव और शानदार रिकॉर्ड पर कोई सवाल नहीं है, लेकिन मौजूदा समय में उनकी वापसी कई बातों पर निर्भर करती है. फिटनेस, टीम कॉम्बिनेशन और युवा खिलाड़ियों को तैयार करने की रणनीति चयनकर्ताओं के लिए अहम पहलू बने हुए हैं.
फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि गौतम गंभीर ने ही शमी की वापसी रोक दी है. जब तक बीसीसीआई या टीम मैनेजमेंट की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आता, तब तक इसे केवल रिपोर्ट में किया गया दावा ही माना जाएगा.

