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Punjab News: मुख्यमंत्री सेहत योजना : 104 हेल्पलाइन डिस्चार्ज के बाद भी मरीज़ों से सरकार का संपर्क बनाए रखती है

Punjab News: मुख्यमंत्री सेहत योजना : 104 हेल्पलाइन डिस्चार्ज के बाद भी मरीज़ों से सरकार का संपर्क बनाए रखती है

DNP India Hindi 1 week ago
फाइल फोटो

स्वीर में पंजाब के सीएम भगवंत मान है।

Punjab News:मानसा के हरदेव सिंह के लिए मुख्यमंत्री सेहत योजना (MMSY) के तहत उपचार अस्पताल से बाहर निकलने के साथ समाप्त नहीं हुआ। डीएच बठिंडा में ऑर्थोपेडिक उपचार करवाने के बाद, उन्हें पंजाब की 104 हेल्थ हेल्पलाइन से फोन आया; जिसमें उनके उपचार, स्वास्थ्य और अस्पताल में मिले अनुभव के बारे में पूछा गया।

उनके लिए यह फ़ोन इस बात का भरोसा दिलाने वाला था कि डिस्चार्ज के बाद भी सरकार उनके साथ जुड़ी हुई है।

सरकार ने न केवल कैशलेस उपचार सुनिश्चित कर उनके परिवार को आर्थिक बोझ से बचाया

हरदेव सिंह ने कहा,"मुझे मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कैशलेस इलाज मिला और उसके बाद उन्होंने यह पूछने के लिए फ़ोन किया कि क्या मैं ठीक हूं या नहीं।" उन्होंने बताया कि सरकार ने न केवल कैशलेस उपचार सुनिश्चित कर उनके परिवार को आर्थिक बोझ से बचाया, बल्कि घर लौटने के बाद भी उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने आगे कहा, "उन्होंने मेरे इलाज, मेरी सेहत, मुझे हुई किसी भी परेशानी और मुझे दवाइयाँ मिली हैं या नहीं, इस के बारे में पूछा। इससे मुझे लगा कि कोई अभी भी मेरी देखभाल कर रहा था।"

होशियारपुर के बलदेव सिंह ,जिन्होंने एसडीएच दसूहा में ऑर्थोपेडिक उपचार करवाया, ने भी ऐसा ही अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्हें बिना कोई भुगतान किए इलाज मिला, डिस्चार्ज के बाद आवश्यक दवाइयाँ मिलीं और इसके बाद 104 टीम ने फ़ोन कर उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली।

अस्पताल से घर लौटने के बाद भी सरकार आपको नहीं भूलती है

बलदेव सिंह ने कहा, "मुझे बिना कोई भुगतान किए इलाज मिला, डिस्चार्ज के बाद ज़रूरी दवाइयाँ मिलीं और फिर 104 टीम ने फ़ोन करके मेरा हालचाल पूछा। अच्छा लगता है जब अस्पताल से घर लौटने के बाद भी सरकार आपको नहीं भूलती।"हरदेव सिंह और बलदेव सिंह के अनुभव मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत उपचार के बाद किए जाने वाले फॉलो-अप के महत्त्व को दर्शाते हैं, जो केवल कैशलेस इलाज उपलब्ध करवाने तक सीमित नहीं है। किसी भी परिवार के लिए, अस्पताल में भर्ती होना चिंता का समय हो सकता है, जिसमें दवाइयों का प्रबंधन, स्वास्थ्य में सुधार पर नज़र रखना और डिस्चार्ज के बाद की स्थिति को लेकर कई चिंताएँ शामिल होती हैं। 104 हेल्पलाइन के माध्यम से किया जाने वाला फॉलो-अप इस महत्त्वपूर्ण चरण के दौरान मरीज़ को स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़े रखने का प्रयास करता है।

इस सुविधा के बारे में बात करते हुए, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, "104 हेल्पलाइन मरीज़ के इलाज के बाद भी स्वास्थ्य व्यवस्था को उससे जोड़े रखती है। उपचार के बाद लाभार्थियों से संपर्क किया जाता है और उनके अनुभव, अस्पताल में भर्ती रहने, उपचार संबंधी रिकॉर्ड, डिस्चार्ज के बाद मिली दवाइयों और उन्हें मिली स्वास्थ्य सेवाओं से संतुष्टि के बारे में पूछा जाता है। हमारा उद्देश्य मरीज़ को कैशलेस उपचार उपलब्ध करवाना, उसे डिस्चार्ज करना और फिर मरीज़ की प्रतिक्रिया सुनना है।"उपचार के बाद किए जाने वाले ये फ़ोन लाभार्थियों को अपने अनुभव के बारे में सीधे बताने का अवसर देते हैं, जिससे उनकी प्रतिक्रिया केवल अस्पताल के रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहती।

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