CM Bhagwant Mann
CM Bhagwant Mann: मोगा में आज राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान सीएम भगवंत मान की उपस्थिति ने कार्यक्रम को चार चांद लगाने का काम किया है।
मुख्यमंत्रीने राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होकर अपनी सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों का उल्लेख किया है। सीएम भगवंत मान ने मोगा वासियों को बड़ी सौगात देते हुए कोटकापुरा सड़क का जीर्णोद्धार करने का ऐलान किया है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मोगा से जीरा सड़क को भव्य बनाने और जनपद में नई तकनीक वाले बिजली ग्रिड की स्थापना करने की बात कही है। मोगा वासियों को मिली इन सौगात से जनपद की तस्वीर बदलेगी और यहां अवसरों के तमाम नए द्वार खुलेंगे। इससे सूबे की अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक असर पड़ने की संभावना है जिससे प्रदेश में विकास कार्यों को गति मिलेगी।
CM Bhagwant Mann की मोगा वासियों को बड़ी सौगात!
मुख्यमंत्री ने आज मोगा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शिरकत कर जनपद वासियों को बड़ी सौगात दी है। कई विकास कार्यों का उद्घाटन करते हुए सीएम भगवंत मान ने मोगा वासियों के लिए बड़े ऐलान किए हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही पंजाब हर मायने में देश का नंबर 1 राज्य बन जाएगा। इसके पीछे विकास कार्यों को मिल रही गति प्रमुख है जिसके सहारे सूबे की तस्वीर बदलने की बात कही जा रही है।
पंजाब सीएम ने मोगा से कोटकापुरा सड़क का जीर्णोद्धार, मोगा से जीरा सड़क को भव्य बनाना और नई तकनीक वाले बिजली ग्रिड की स्थापना करने का ऐलान किया है। इन तीनों विकास कार्यों से मोगा की तस्वीर बदल जाएगी। इससे जहां एक ओर कनेक्टिविटी को गति मिलेगी। वहीं दूसरी ओर अवसरों के तमाम द्वार भी खुलेंगे। इसका लाभ उठाकर लोग स्वरोजगार के माध्यमों की शुरुआत कर सकेंगे।
कृषि जगत का भी कायाकल्प कर रही मान सरकार
मोगा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान सीएम भगवंत मान ने बताया कि कैसे पंजाब सरकार कृषि जगत का कायाकल्प कर रही है।
इस क्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि “हमने खेतों में बिजली के खंभों से छुटकारा पाने के लिए भूमिगत बिजली के तार बिछाना शुरू कर दिया है। इससे न तो बारिश और न ही हवा का बिजली पर कोई असर पड़ेगा, और चिंगारी से फसलों के जलने का भी कोई खतरा नहीं होगा।”
नहरी पानी की पहुंच सुनिश्चित करने पर सीएम भगवंत मान ने कहा कि “पंजाब में अगली धान की फसल तक नहरों से सिंचाई 90 फीसदी तक पहुंच जाएगी। नहर के पानी तक पहुंच सुनिश्चित करने के प्रयासों के बदौलत, हम 4 वर्षों में 22 से 78 फीसदी तक पहुंच गए हैं। यह प्रयास लगातार जारी है ताकि अगली धान की फसल तक, हम नहर के पानी से सिंचाई के आंकड़े को 90 फीसदी तक बढ़ा सकें और भूजल को बचा सकें।”

