Viral Video
Viral Video: ओवर कॉन्फिडेंस सिर्फ मुसीबत में ही नहीं डालता बल्कि कभी-कभी जान तक ले लेता है। दिमाग पर जब अहंकार हावी होता है तो महारथी को भी जान के लाले पड़ जाते हैं।
सोशल मीडिया पर एक ऐसे ही आदमी का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वो सांप का रेस्क्यू करने पहुंचता है। लेकिन भीड़ और उनके हाथो में मौजूद कैमरों को देख इतना उतावला हो जाता है कि, अपनी जिंदगी को ही मौत के मुंह में धकेल देता है। इस दौरान आस-पास खड़े लोग सिर्फ तमाशा देखते रहते हैं। ये घटना विचलित के साथ सवाल उठाने पर मजबूर कर रही है।
सांप से पंगा लेना आदमी को पड़ा भारी
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर Ghar Ke Kalesh नाम के हैंडल से पोस्ट किया गया है। इसके साथ ही कैप्शन में जानकारी देते हुए लिखा है, ‘सांप को पकड़ने आए व्यक्ति को उससे खेलने की भारी कीमत चुकानी पड़ी, लाइव वीडियो में 3 मिनट के भीतर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई!’ वीडियो लगभग 7 मिनट का है। इसमें देखा जा सकता है कि, एक आदमी जहरीले सांप को रेस्क्यू करने पहुंचता है। लेकिन अचानक से उसके साथ खेलना शुरु कर देता है। वो सांप को खिलौना समझ रहा है।
देखें वीडियो
आदमी की हरकत से सांप को इतना गुस्सा आता है कि, सनकी व्यक्ति को कई बार काट लेता है। जिसके बाद वो सांप को डिब्बे में बंद करते-करते बेहोश हो जाता है। आस-पास काफी भीड़ मौजूद थी। लेकिन उसे कोई नहीं बचाता है। आदमी जिस तरह से चित होकर गिरता है , उसे देखने के बाद लोग उम्मीद कर रहे है कि, शायद वो नहीं बचा होगा। क्योंकि वीडियो पूरा नहीं है। इसीलिए ये कहना मुश्किल है कि, वो जिंदा रहा होगा या फिर मर गया होगा।
Viral Video देख यूजर्स को गुस्से के साथ हो रहा अफसोस
आदमी की सनक का ये वायरल वीडियो कब और कहां का है? इसकी कोई भी आधिकारिक जानकारी तो मौजूद नहीं है। लेकिन इसे एक्स पर 1 मई को अपलोड किया गया था। इस वीडियो पर 10 लाख से ज्यादा व्यूज आ चुके है। वहीं, इंटरनेट यूजर्स की तीखी प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही है। एक यूजर लिखात है, ‘प्रकृति से कभी पंगा नहीं लेना चाहिए’। दूसरा लिखता है , ‘ये बहुत ही बेवकूफी से भरा है, लेकिन इसे देख काफी अफसोस हो रहा है’। तीसरा लिखता है , ‘लोगों की इतनी भीड़ लगी हुई है लेकिन कोई भी बचा नहीं है, ये सभी दिमाग से बीमार हैं’।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

