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सीतापुर में भीषण सड़क हादसा: आधी रात को पेड़ से टकराकर पलटी तेज रफ्तार ग्रैंड विटारा, 'सुरक्षा कवच' बने एयरबैग ने बचाई डॉक्टर और बुजुर्ग मां की जान

सीतापुर में भीषण सड़क हादसा: आधी रात को पेड़ से टकराकर पलटी तेज रफ्तार ग्रैंड विटारा, 'सुरक्षा कवच' बने एयरबैग ने बचाई डॉक्टर और बुजुर्ग मां की जान

त्तर प्रदेश के सीतापुर से एक बेहद हैरान करने वाले और चमत्कारी रूप से जान बचने के हादसे की खबर सामने आ रही है। लहरपुर-सीतापुर मार्ग पर बेनीरामा पुल के पास बीती आधी रात को एक भयानक सड़क हादसे में बीयूएमएस (BUMS) डॉक्टर और उनकी बुजुर्ग मां बाल-बाल बच गए।

तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से टकराई और सड़क पर ही पलट गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया, लेकिन ऐन वक्त पर खुले सुरक्षा के एयरबैग ने दोनों की जिंदगी सुरक्षित बचा ली।

बीमार मां का इलाज कराकर वापस लौट रहे थे डॉक्टर

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, डॉक्टर अशोक यादव अपनी बीमार मां का इलाज कराने के सिलसिले में बाहर गए हुए थे। देर रात उपचार कराने के बाद वह अपनी ग्रैंड विटारा कार (संख्या: यूपी 34 सीडी 9647) से वापस सीतापुर की ओर लौट रहे थे। आधी रात के सन्नाटे में सड़क पूरी तरह सूनी थी और कार की रफ्तार भी तेज थी।

तीखे मोड़ पर आई नींद की झपकी और हो गया भयानक कांड

रात के करीब 12:30 बजे जैसे ही डॉक्टर अशोक यादव की कार लहरपुर-सीतापुर मार्ग पर स्थित बेनीरामा पुल के पास एक बेहद तीखे और खतरनाक मोड़ पर पहुंची, तभी अचानक डॉक्टर को नींद की झपकी आ गई। पलक झपकते ही तेज रफ्तार गाड़ी से उनका नियंत्रण पूरी तरह खो गया और बेकाबू हुई ग्रैंड विटारा कार सीधे सड़क किनारे लगे एक मजबूत पेड़ से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार झटके के साथ सड़क पर ही पलट गई।

वरदान साबित हुआ कार का एयरबैग, खरोंच तक नहीं आई

इस खौफनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाले मंजर के बीच सबसे बड़ी गनीमत यह रही कि कार में लगे सुरक्षा कवच यानी एयरबैग्स ने अपना काम बखूबी किया। टक्कर होते ही कार के सभी सुरक्षा एयरबैग तुरंत खुल गए। एयरबैग्स की इस त्वरित सुरक्षा के कारण ही डॉक्टर अशोक यादव और उनकी मां को कोई भी गंभीर चोट नहीं आई। दोनों को सुरक्षित कार से बाहर निकाल लिया गया और इस तरह एक बहुत बड़ा और दर्दनाक हादसा होने से टल गया।

मोड़ों पर रेडियम पट्टियां और संकेतक न होने से जनता में भारी आक्रोश

इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे के बाद से लहरपुर-सीतापुर मार्ग की बदहाल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का सीधा आरोप है कि इस बेहद व्यस्त मार्ग के अधिकांश तीखे मोड़ों पर प्रशासन द्वारा न तो रेडियम की पट्टियां लगाई गई हैं और न ही कोई दुर्घटना चेतावनी संकेतक बोर्ड लगाया गया है। रात के वक्त घने अंधेरे के कारण इन मोड़ों पर दृश्यता (विजिबिलिटी) लगभग शून्य हो जाती है, जिससे रात में निकलने वाले वाहन चालक लगातार हादसों का शिकार हो रहे हैं।

स्थानीय जनता ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और सभी खतरनाक मोड़ों पर तत्काल आवश्यक चेतावनी बोर्ड और रेडियम पट्टियां लगाई जाएं, ताकि भविष्य में किसी की जान जोखिम में न पड़े।

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