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मानसून सत्र में सरकार से जवाब मांगने की तैयारी : कांग्रेस ने गिनाए घेराबंदी के मुद्दे, जयराम बोले- भाजपा और चुनाव आयोग के गठजोड़ से करना पड़ रहा मुकाबला

मानसून सत्र में सरकार से जवाब मांगने की तैयारी : कांग्रेस ने गिनाए घेराबंदी के मुद्दे, जयराम बोले- भाजपा और चुनाव आयोग के गठजोड़ से करना पड़ रहा मुकाबला

नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा कि संसद के मानसून सत्र में इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ मिलकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), विदेश नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा, चीन और अमेरिका से जुड़े व्यापारिक मुद्दों, परिसीमन, एक राष्ट्र-एक चुनाव, भ्रष्टाचार के आरोपों तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं के कामकाज सहित विभिन्न जनहित के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।

कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने शनिवार को यहां एक बयान में कहा कि पार्टी सिर्फ मानसून सत्र की रणनीति पर ही काम नहीं कर रही है, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में भी जुटी है। राज्यों में संगठनात्मक बैठकों का दौर जारी है और कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत करने के अलावा इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ संसद के भीतर सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को केवल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से ही नहीं, बल्कि भाजपा और चुनाव आयोग के गठजोड़ से भी मुकाबला करना पड़ रहा है।

उन्होंने एसआईआर तथा चुनाव संबंधी अन्य प्रक्रियाओं को लेकर द्रमुक और आम आदमी पार्टी सहित विपक्ष के 24 दलों तथा निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल के लिखे संयुक्त पत्र का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा है और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। यदि चुनाव परिणाम पहले से तय होने की धारणा बन जाए तो लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया का महत्व ही समाप्त हो जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि उच्चतम न्यायालय चुनाव आयोग को निष्पक्ष तरीके से काम करने का निर्देश देगा।

रमेश ने कहा कि सरकार मानसून सत्र में परिसीमन विधेयक और 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' संबंधी प्रस्ताव फिर ला सकती है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा दो-तिहाई बहुमत हासिल कर संविधान में बदलाव करना चाहती है तथा सामाजिक न्याय और आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उनका कहना था कि संसद सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक अब महज औपचारिकता बनकर रह गई है क्योंकि उसमें विपक्ष की बातें सुनी तो जाती हैं लेकिन संसद का वास्तविक एजेंडा प्रधानमंत्री और गृह मंत्री कार्यालय तय करता है।

सरकार की विदेश नीति पर रमेश ने आरोप लगाया कि आतंकवाद को संरक्षण देने वाले पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्व मिल रहा है। उन्होंने चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे, अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते और विदेश नीति पर संसद में चर्चा नहीं होने को भी सरकार की विफलता बताया। कांग्रेस नेता ने भाजपा शासित राज्यों में भ्रष्टाचार के आरोपों का भी उल्लेख किया और कहा कि कांग्रेस तथा विपक्षी दलों का गठबंधन अयोध्या, केदारनाथ और बदरीनाथ में चढ़ावे से जुड़े मामलों, मध्य प्रदेश के कथित कृषि घोटाले तथा अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री से जुड़े आरोपों सहित सभी मामलों पर मानसून सत्र में सरकार से जवाब मांगेगा।

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