जयपुर। मानसून पूर्व मलेरिया एवं अन्य मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जून माह को एंटी मलेरिया माह के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। पूरे जिले में माहभर विशेष अभियान चलाकर मच्छरों की रोकथाम, लार्वा नियंत्रण और जनजागरूकता गतिविधियों को तेज किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर प्रथम डॉ. रवि शेखावत ने बताया कि मानसून के दौरान मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सोर्स रिडक्शन, एंटीलार्वल तथा एंटी-एडल्ट गतिविधियां व्यापक स्तर पर संचालित की जाएंगी। जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर विशेष कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि 16 से 30 जून तक हैचरी क्रियाशील पखवाड़ा मनाया जाएगा, जिसके तहत स्थायी जलाशयों और अन्य जल स्रोतों में गम्बुशिया मछलियां छोड़ी जाएंगी। यह मछलियां मच्छरों के लार्वा को खाकर उनके प्रजनन पर प्रभावी नियंत्रण करती हैं। अभियान के दौरान जागरूकता रैलियां, जनसंवाद, नुक्कड़ सभाएं और आईईसी गतिविधियां भी आयोजित होंगी। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने तथा मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है।

