फलासिया। रिश्तों के कत्ल और बदले की आग ने ओगणा थाना क्षेत्र के अंबावी गांव में एक पूरे परिवार को बेसहारा कर दिया। जहां एक तरफ पत्नी की संदिग्ध मौत का मातम था, तो दूसरी ओर पीहर पक्ष के प्रतिशोध ने पति की जान ले ली।
घटनाक्रम की शुरूआत 24 अप्रेल को हुई, जब चोखला बारा निवासी 23 वर्षीय पारू की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे उदयपुर के एमबी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया लेकिन 27 अप्रेल की रात उसने दम तोड़ दिया। पारू की मौत के बाद अंबावी निवासी पीहर पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगा विवाद शुरू कर दिया, जो देखते ही देखते हिंसा में बदल गया। मंगलवार शाम को हमलावरों ने पिंटू वडेरा (28) के घर में तोड़फोड़ की थी लेकिन नफरत की आग यहीं शांत नहीं हुई। बुधवार सुबह करीब 9 बजे पारू का भाई करण सागिया अपने साथियों के साथ फिर चोखला बारा पहुंचा। आरोप है कि हमलावरों ने पिंटू का अपहरण किया और उसे अंबावी उपरेटा के घने जंगलों में ले गए, जहां पत्थर से कुचलकर उसकी नृशंस हत्या कर दी गई।
पीछे छूट गए चार मासूम और असहाय बहनें
इस खूनी संघर्ष ने पिंटू के परिवार को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। पिंटू के माता-पिता का निधन पहले ही हो चुका था और वह परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था। अब उसकी मौत के बाद पीछे ये सदस्य पूरी तरह असहाय हो गए हैं। दो छोटी बहनें उम्र 16 और 14 वर्ष है। एक छोटा भाई उम्र 5 वर्ष और मासूम बेटी उम्र मात्र 3 वर्ष है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना सुखवाल और डीएसपी विवेक सिंह राव भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पति-पत्नी दोनों के शवों को झाड़ोल उप जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया गया है। मुख्य आरोपी करण सागिया और उसके साथी फिलहाल फरार है।

