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समाज को नई दिशा देने वाले प्रधानमंत्री के विचार, मदन राठौड़ ने कहा- राजनीतिक जीवन में मर्यादित भाषा की आवश्यकता

समाज को नई दिशा देने वाले प्रधानमंत्री के विचार, मदन राठौड़ ने कहा- राजनीतिक जीवन में मर्यादित भाषा की आवश्यकता

यपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का प्रत्येक संस्करण देशवासियों को प्रेरणा, ज्ञान और सकारात्मक सोच का संदेश देता है।

यह कार्यक्रम केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने और सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा देने वाला एक जनआंदोलन बन चुका है। रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ 'मन की बात' कार्यक्रम के 134वें संस्करण का सामूहिक श्रवण करने के बाद राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री के विचार समाज को नई दिशा देने वाले हैं तथा जनभागीदारी के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में देश की प्रतिभाओं, नवाचार, युवा शक्ति, स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा जनसहभागिता से हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों का उल्लेख किया गया।

राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने दौड़ प्रतियोगिता में 10.1 सेकंड का रिकॉर्ड बनाने वाले युवा खिलाड़ियों की चर्चा कर देश की उभरती प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन किया है। साथ ही भीषण गर्मी के दौर में शरबत और पारंपरिक पेय पदार्थों के महत्व, जल संरक्षण, जल संचयन, नदियों की स्वच्छता, तैराकी को बढ़ावा देने तथा दिव्यांगजनों को तैराकी से जोड़ने जैसे विषयों पर भी महत्वपूर्ण संदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आम सहित भारतीय फलों और स्थानीय उत्पादों का उल्लेख कर प्रधानमंत्री ने 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को और मजबूती प्रदान की है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 'मन की बात' कार्यक्रम के माध्यम से देशभर में उत्कृष्ट कार्य कर रहे लोगों की प्रेरक कहानियां सामने आती हैं, जिससे समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और जनसेवा के लिए नई प्रेरणा मिलती है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कई युवा और सेवानिवृत्त कर्मचारी साइकिल से भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जो प्रधानमंत्री के ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के संदेश से प्रेरित थे। इस अवसर पर मदन राठौड़ ने राजनीतिक जीवन में मर्यादित भाषा और स्वस्थ संवाद की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि शब्दों की गरिमा लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है। विपक्ष का दायित्व सरकार का विरोध करना और अपनी बात मजबूती से रखना है, लेकिन भाषा और शब्दों का चयन लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सफलता सशक्त विपक्ष और स्वस्थ राजनीतिक विमर्श में निहित है। विचारों का मतभेद लोकतंत्र की शक्ति है, लेकिन व्यक्तिगत कटुता और अमर्यादित भाषा लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करती है। इसलिए राजनीतिक जीवन में संयमित भाषा, शिष्टाचार और सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। कार्यक्रम के दौरान गृहराज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, भाजपा महामंत्री भूपेन्द्र सैनी, सांसद मंजू शर्मा, प्रदेश मंत्री अपूर्वा सिंह एवं अजीत मांढण, मीडिया प्रभारी प्रमोद वशिष्ठ, कार्यालय प्रभारी मुकेश पारीक, सह प्रभारी भवानी शंकर शर्मा, भाजपा आईटी प्रकोष्ठ प्रभारी अविनाश जोशी सहित प्रदेश पदाधिकारी, मोर्चा एवं प्रकोष्ठों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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