Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
दमिश्क के कैफे में भीषण बम धमाका... नौ लोगों की मौत और 20 घायल

दमिश्क के कैफे में भीषण बम धमाका... नौ लोगों की मौत और 20 घायल

सीरिया (Syria) की राजधानी दमिश्क (Damascus) में गुरुवार को एक कैफे (cafe Blast) के अंदर विस्फोट हुआ। सीरिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि इस धमाके में नौ लोगों की जान चली गई है।

यह विस्फोट शहर के मुख्य अदालत परिसर (Court area) के पास स्थित एक कैफे में हुआ। सीरिया के सरकारी नेटवर्क अल-इखबारिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना में 20 अन्य लोग घायल हुए हैं।

जांच में जुटे सुरक्षा बल
अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। धमाके के तुरंत बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। अधिकारी अब इस हमले की बारीकी से जांच कर रहे हैं। दमिश्क के गवर्नर माहेर इडलीबी (Governor Maher Idlibi) ने कहा कि आंतरिक मंत्रालय जल्द ही अपनी शुरुआती जांच के नतीजे सबके सामने रखेगा। गवर्नर ने बताया कि धमाके में इस्तेमाल किया गया उपकरण पुराने ढंग का लग रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि इस अपराध को अंजाम देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें सजा दी जाएगी।

कैफे में मौजूद थे कई वकील
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कई घायल लोग जमीन पर पड़े दिखाई दे रहे हैं और पुलिस अधिकारी उनकी मदद कर रहे हैं। एम्बुलेंस ने मौके पर पहुंचकर घायलों का इलाज किया और जिनकी हालत ज्यादा गंभीर थी, उन्हें दमिश्क के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि इस कैफे में अक्सर पास की अदालत में काम करने वाले वकील आते थे। पास में ही रेस्टोरेंट चलाने वाले जलाल अलजनानी ने बताया कि धमाके की आवाज सुनकर वह तुरंत कैफे की तरफ भागे। वहां का मंजर देखकर वह दहल गए। उन्होंने बताया कि पुलिस के आने से पहले उन्होंने खुद पीड़ितों को गाड़ियों तक पहुंचाने में मदद की। घायलों के शरीर पर गंभीर चोटें थीं और काफी खून बह रहा था।

देश में सुरक्षा की स्थिति
दिसंबर 2024 में असद शासन को हटाकर सत्ता संभालने के बाद से सीरिया के नए शासक इस्लामिक स्टेट (IS) के चरमपंथियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं। राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने वादा किया है कि वह सभी धर्मों और समुदायों के लोगों की रक्षा करेंगे। उन्होंने देश के एक बड़े हिस्से पर सरकार का नियंत्रण फिर से स्थापित कर लिया है। हालांकि, देश को पूरी तरह स्थिर करने में अब भी सुरक्षा संबंधी चुनौतियां सामने आ रही हैं। सुरक्षा एजेंसियां अक्सर चरमपंथी ठिकानों पर छापेमारी करती हैं, लेकिन जुलाई 2025 में एक चर्च में हुए आत्मघाती हमले जैसी घटनाओं ने लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है। सरकार अब भी इन खतरों से निपटने की कोशिश कर रही है।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Dainik Samvad