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हरियाणा के स्कूलों में पढ़ाई जाएगी गीता, मुख्यमंत्री नायब सैनी का बड़ा ऐलान

रियाणा सरकार ने श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की सही राह दिखाने वाला ज्ञान का स्रोत है।

इसलिए सरकार चाहती है कि इसकी शिक्षाएं बच्चों से लेकर आम लोगों तक पहुंचें। इसी उद्देश्य से राज्य के स्कूलों के पाठ्यक्रम में गीता को शामिल करने और इसके विचारों को हर घर तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है।

स्कूलों में पढ़ेंगे गीता के पाठ

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में स्कूली शिक्षा में गीता के उपदेशों को शामिल किया जाएगा ताकि बच्चों में बचपन से ही अच्छे संस्कार, नैतिक मूल्य और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके। उनका मानना है कि गीता की शिक्षा से विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास और सही निर्णय लेने की क्षमता बढ़ेगी। सरकार का उद्देश्य शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित न रखकर उसे जीवन से जोड़ना है। पहले भी सरकार ने कक्षा 8 तक गीता को पाठ्यक्रम में शामिल करने की दिशा में कदम बढ़ाने की बात कही थी।

हर घर तक पहुंचेगा गीता का संदेश

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार केवल स्कूलों तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गीता के विचारों को समाज के हर घर तक पहुंचाने का प्रयास करेगी। इसके लिए विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को गीता के संदेश से जोड़ने की योजना है। उनका कहना है कि गीता के सिद्धांत समाज में सद्भाव, शांति और सकारात्मक सोच को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

नैतिक शिक्षा और भारतीय संस्कृति पर रहेगा जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा व्यवस्था में बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक ज्ञान से भी जोड़ना जरूरी है। उनका मानना है कि गीता के उपदेश छात्रों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने और सही रास्ता चुनने की प्रेरणा देंगे। सरकार शिक्षा व्यवस्था को इस तरह विकसित करना चाहती है, जिससे विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ अच्छे नागरिक भी बन सकें।

समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश

सरकार का मानना है कि गीता के संदेश को व्यापक स्तर पर अपनाने से समाज में नैतिकता, जिम्मेदारी और आपसी सद्भाव को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के हित में है। उन्होंने विश्वास जताया कि स्कूलों में गीता का अध्ययन और घर-घर तक उसके संदेश का प्रसार आने वाली पीढ़ी को बेहतर संस्कार देने के साथ एक मजबूत और जागरूक समाज बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Dainik Samvad