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झारखंड में नक्सलियों पर बड़ा एक्शन: मिसिर बेसरा के बाद अब कुख्यात इनामी माओवादी असीम मंडल पर कसा शिकंजा

झारखंड के जंगलों में देश विरोधी और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वाले माओवादियों के खिलाफ सुरक्षाबलों ने एक बार फिर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। राज्य के कुख्यात माओवादी कमांडर मिसिर बेसरा पर दबाव बनाने के बाद अब सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस ने एक और बड़े इनामी माओवादी असीम मंडल पर अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ (CRPF) और कोबरा बटालियन की संयुक्त टीमों ने असीम मंडल की सुरागरसी और उसकी धरपकड़ के लिए राज्य के कई इलाकों में सर्च ऑपरेशन को बेहद तेज कर दिया है। सुरक्षा बलों के इस आक्रामक रुख से नक्सलियों में हड़कंप मच गया है।

कौन है असीम मंडल और क्यों झारखंड पुलिस के लिए बना है बड़ा सिरदर्द

सुरक्षा एजेंसियों के खुफिया इनपुट के मुताबिक, असीम मंडल लंबे समय से झारखंड और उसके आसपास के जंगली इलाकों में सक्रिय एक बेहद खतरनाक नक्सली कमांडर है। उस पर सुरक्षाबलों पर हमले, लेवी वसूलने, और युवाओं को बरगलाकर संगठन में शामिल करने जैसे कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। सरकार ने इस कुख्यात माओवादी पर भारी-भरकम इनाम भी घोषित कर रखा है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि असीम मंडल का नेटवर्क केवल एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि वह कई राज्यों की सीमाओं पर अपनी गतिविधियों को अंजाम देता रहा है, जिसके चलते उसकी गिरफ्तारी सुरक्षा बलों के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई है।

मिसिर बेसरा के बाद टॉप कमांडरों के खिलाफ चलाया जा रहा है स्पेशल ऑपरेशन

झारखंड में हाल के महीनों में सुरक्षाबलों ने नक्सलवाद की कमर तोड़ने के लिए एक विशेष रणनीति के तहत काम करना शुरू किया है। कुछ समय पहले कुख्यात माओवादी मिसिर बेसरा के ठिकानों पर सुरक्षाबलों ने भारी दबाव बनाया था, जिसके बाद से नक्सली संगठन पूरी तरह रक्षात्मक मुद्रा में आ गए हैं। अब इसी रणनीति को आगे बढ़ाते हुए असीम मंडल और उसके करीबी सहयोगियों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी जा रही है। आधुनिक हथियारों, ड्रोन सर्विलांस और खुफिया तंत्र की मदद से जंगलों की चप्पे-चप्पे की तलाशी ली जा रही है ताकि इन नक्सलियों के पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद किया जा सके।

आम जनता और स्थानीय इलाकों में बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था

नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे इस बड़े अभियान के मद्देनजर झारखंड के सुदूर और नक्सल प्रभावित जिलों में पुलिस छावनी जैसी स्थिति बन गई है। थानों और सुरक्षा चौकियों को पूरी तरह अलर्ट कर दिया गया है। खुफिया एजेंसियों को असीम मंडल के संभावित छिपने के ठिकानों के बारे में लगातार अहम सुराग मिल रहे हैं। जानकारों का मानना है कि जिस तरह से सुरक्षाबलों ने एक के बाद एक शीर्ष नक्सलियों पर शिकंजा कसा है, उससे आने वाले दिनों में झारखंड से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया होने की उम्मीद बढ़ गई है।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Dainik Samvad