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जिनपिंग का अपनी सेना को सख्त फरमानः 'तुरंत Robot-AI जंग की तैयारी करो, भारत के लिए बढ़ेगा खतरा

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) को बड़ा निर्देश देते हुए कहा है कि सेना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन और अन्य मानव रहित (Unmanned) तकनीकों का तेजी से इस्तेमाल बढ़ाया जाए।

उनका लक्ष्य 2027 तक चीन की सेना को दुनिया की सबसे आधुनिक और तकनीक आधारित सैन्य ताकतों में शामिल करना है। चीनी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शी जिनपिंग ने सैन्य अधिकारियों से कहा कि भविष्य के युद्धों में AI, स्वायत्त हथियार प्रणाली और ड्रोन निर्णायक भूमिका निभाएंगे। इसलिए सेना की रणनीति, प्रशिक्षण और हथियारों को नई तकनीकों के अनुरूप तैयार करना जरूरी है। शी जिनपिंग के इस फैसले भारत की सुरक्षा को खतरा बढ़ जाएगा।

साल 2027 में चीन की सेना (PLA) अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे करेगी। इस अवसर तक शी जिनपिंग चाहते हैं कि चीन की सेना आधुनिक तकनीकों से पूरी तरह लैस हो और भविष्य के युद्धों के लिए तैयार दिखाई दे। चीन पहले ही हाइपरसोनिक मिसाइल, साइबर युद्ध, अंतरिक्ष तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और AI आधारित हथियारों पर भारी निवेश कर रहा है। अब ड्रोन और AI को सेना का अहम हिस्सा बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

AI से कैसे बदलेगा युद्ध?

  • AI आधारित सैन्य तकनीक से ड्रोन बिना पायलट के मिशन पूरा कर सकेंगे।
  • दुश्मन की गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी होगी।
  • मिसाइल और ड्रोन हमलों की सटीकता बढ़ेगी।
  • युद्धक्षेत्र में तेजी से निर्णय लिए जा सकेंगे।
  • मानव सैनिकों पर जोखिम कम होगा।

भारत पर क्या पड़ेगा असर?

  • चीन की इस रणनीति का असर भारत की सुरक्षा व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
  • एलएसी (भारत-चीन सीमा) पर निगरानी और ड्रोन गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
  • AI आधारित इलेक्ट्रॉनिक और साइबर युद्ध का खतरा बढ़ सकता है।
  • सीमा पर स्वायत्त ड्रोन और रोबोटिक सिस्टम की तैनाती बढ़ने की संभावना है।
  • भारत को अपनी AI, ड्रोन और एंटी-ड्रोन क्षमताओं को और मजबूत करना होगा।
  • रक्षा अनुसंधान, साइबर सुरक्षा और आधुनिक सैन्य तकनीकों में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता होगी।

हालांकि, फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है कि चीन ने भारत के खिलाफ किसी तत्काल सैन्य कार्रवाई की घोषणा की है। यह कदम उसकी दीर्घकालिक सैन्य आधुनिकीकरण रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

AI के वैश्विक नियम बनाने की भी तैयारी
शी जिनपिंग ने हाल ही में यह भी कहा कि चीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के वैश्विक नियम और मानकों के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाना चाहता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से AI के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के लिए सहयोग का आह्वान किया। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य के युद्ध केवल टैंक और लड़ाकू विमानों से नहीं, बल्कि AI, साइबर तकनीक, ड्रोन, डेटा और अंतरिक्ष आधारित प्रणालियों से तय होंगे। अमेरिका, चीन और कई अन्य देश इस दिशा में तेजी से निवेश कर रहे हैं।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Dainik Samvad