राज्यसभा के शून्यकाल में सांसद संजय भाटिया ने गुरुग्राम में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की सर्किट बेंच स्थापित करने की जोरदार मांग उठाई। उन्होंने कहा कि दक्षिण हरियाणा के लाखों लोगों को न्याय के लिए हर बार चंडीगढ़ का रुख करना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत आती है।
ऐसे में गुरुग्राम में सर्किट बेंच की स्थापना न्याय व्यवस्था को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाएगी।
भाटिया ने कहा कि गुरुग्राम देश के प्रमुख औद्योगिक, कॉरपोरेट और आईटी केंद्रों में शामिल है। यहां वाणिज्यिक विवाद, मध्यस्थता, श्रम मामलों, भूमि अधिग्रहण, कर विवाद और अन्य कानूनी मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में हाईकोर्ट की सर्किट बेंच की स्थापना समय की आवश्यकता बन चुकी है।
उन्होंने सदन को बताया कि हाल ही में गुरुग्राम में आधुनिक सुविधाओं से लैस ‘टॉवर ऑफ जस्टिस’ विकसित किया गया है, जहां डिजिटल कोर्ट और ई-कोर्ट जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। यह परिसर सर्किट बेंच के संचालन के लिए उपयुक्त आधार साबित हो सकता है।
सांसद ने संविधान के अनुच्छेद 39ए और अनुच्छेद 21 का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना राज्य की संवैधानिक जिम्मेदारी है। न्यायिक संस्थाओं का विकेंद्रीकरण इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
उन्होंने केंद्र सरकार से हरियाणा सरकार, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर गुरुग्राम में सर्किट बेंच की स्थापना के लिए शीघ्र व्यवहार्यता अध्ययन शुरू करने का आग्रह किया। उनका कहना था कि इससे लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी, न्यायिक व्यवस्था मजबूत होगी और क्षेत्र में निवेश, उद्योग तथा रोजगार को भी नई गति मिलेगी।
