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RTI कार्यकर्ता ने अमित शाह को लेकर नोटबंदी पर किया बड़ा खुलासा

भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह जिस जिला सहकारी बैंक के निदेशक हैं, वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अचानक लिए गये नोटबंदी के फैसले के बाद देश मे सबसे ज्यादा रुपये जमा किए गये थे.समाचार एजेंसी आईएएनएस के अनुसार, मुंबई के एक आरटीआई कार्यकर्ता की याचिका के जवाब में यह खुलासा हुआ है.

एक आरटीआई के अनुसार, 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी के ऐलान के बाद 5 दिन के अंदर अहमदाबाद ज़िला सहकारी बैंक में तकरीबन 750 करोड़ रुपये की प्रतिबंधित करेंसी जमा हुई, जो किसी सहकारी बैंक में जमा हुई सर्वाधिक राशि है. अहमदाबाद ज़िला सहकारी बैंक के बाद सबसे ज्यादा प्रतिबंधित नोट राजकोट जिला सहकारी बैंक में जमा हुए, जिसके चेयरमैन जयेशभाई विट्ठलभाई रदाड़िया हैं, जो गुजरात की विजय रूपाणी सरकार में कैबिनेट मिनिस्टर हैं. यहां 693.19 करोड़ मूल्य के पुराने नोट जमा हुए थे.

मुंबई के कार्यकर्ता मनोरंजन एस रॉय की आरटीआई के जवाब में यह जानकारी नाबार्ड, जो इन बैंकों की सर्वोच्च अपीलीय इकाई है, के चीफ जनरल मैनेजर एस. सर्वनावेल द्वारा दी गयी है. मनोरंजन ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, 'नोटबंदी के फैसले के बाद राज्य सहकारी बैंकों और जिला सहकारी बैंकों में जमा हुई राशि के बारे में पहली बार आरटीआई के तहत कोई जानकारी सामने आई है और यह चौंकाने वाली है.

8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री मोदी ने 500 और 1000 के नोटों को बंद करने का फैसला लिया था और जनता को बैंकों में अपने पास जमा पुराने नोट बदलवाने के लिए 30 दिसंबर 2016 तक यानी 50 दिनों की मियाद दी गई थी. इस फैसले के 5 दिन बाद यानी 14 नवंबर 2016 को सरकार की ओर से यह निर्देश दिया गया कि किसी भी सहकारी बैंक में नोट नहीं बदले जाएंगे.

इन्हीं पांच दिनों में, अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक (एडीसीबी) ने 745.59 करोड़ मूल्य के प्रतिबंधित नोट जमा किए. बैंक की वेबसाइट के मुताबिक अमित शाह अब भी इस बैंक के निदेशक हैं और इस पद पर कई सालों से बने हुए हैं. साल 2000 में वे इस बैंक के अध्यक्ष भी थे. 31 मार्च 2017 तक एडीसीबी में कुल 5,050 करोड़ रुपये जमा हुए थे और वित्त वर्ष 2016-17 का इसका मुनाफा 14.31 करोड़ का था.

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