Health Tips : गर्मी का मौसम हो और अचानक छींक, नाक बहना, गले में खराश या हल्का बुखार शुरू हो जाए तो हैरानी होना लाजमी है। लेकिन तेज धूप, एसी की ठंडी हवा, ठंडे ड्रिंक्स और मौसम में लगातार बदलाव के कारण गर्मियों में भी सर्दी-जुकाम की समस्या आम होती जा रही है।
ऐसे में दादी-नानी के कुछ घरेलू नुस्खे आज भी काफी कारगर माने जाते हैं।
रसोई में छिपा है राहत का खजाना
हल्दी वाला गुनगुना दूध शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने में मदद कर सकता है। वहीं अदरक, तुलसी और काली मिर्च की हल्की चाय गले को आराम देने और बंद नाक की परेशानी कम करने में फायदेमंत मानी जाती है। शहद में थोड़ा अदरक का रस मिलाकर सेवन करने से भी गले की खराश में राहत मिल सकती है। हालांकि, एक साल से कम उम्र के बच्चों को शहद नहीं देना चाहिए।
भाप और गुनगुना पानी भी फायदेमंद
नाक बंद होने या भारीपन महसूस होने पर भाप लेना आराम पहुंचा सकता है। इसके साथ दिनभर गुनगुना पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है और गले को भी राहत मिलती है। ठंडी ड्रिंक्स, आइसक्रीम और बहुत ठंडी चीजों से कुछ दिनों तक दूरी बनाना बेहतर माना जाता है।
कब लें डॉक्टर की सलाह?
अगर सर्दी-जुकाम के साथ तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ, लगातार खांसी या तीन-चार दिन बाद भी कोई सुधार न दिखे, तो घरेलू नुस्खों पर ही निर्भर रहने के बजाए डॉक्टर से तुरंत सलाह लें। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
घरेलू नुस्खे शुरुआती राहत देने में मदद कर सकते हैं, लेकिन संतुलित खानपान, पर्याप्त आराम और जरूरत पड़ने पर सही इलाज ही जल्दी स्वस्थ होने का सबसे सुरक्षित तरीका है।
