ATF Price Hike : वैश्विक बाजार में ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों को बड़ा झटका दिया है। शुक्रवार (1 मई) को अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के लिए विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी गई है।
हालांकि, घरेलू विमानन कंपनियों के लिए राहत की बात यह है कि उनके लिए ईंधन की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
एटीएफ की कीमतों में यह लगातार दूसरे महीने वृद्धि है। तेल कंपनियां वैश्विक ऊर्जा कीमतों में आए उछाल के बोझ को अब सुनियोजित तरीके से ग्राहकों पर डाल रही हैं। सरकारी तेल कंपनियों के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों के लिए एटीएफ की कीमत 76.55 डॉलर प्रति किलोलीटर बढ़कर अब 1,511.86 डॉलर प्रति किलोलीटर हो गई है। प्रतिशत के लिहाज से यह बढ़ोतरी 5.33 प्रतिशत बैठती है।
विदेशी कंपनियों के लिए बाजार दरें प्रभावी
उद्योग सूत्रों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और ऊर्जा की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है। इसे देखते हुए सरकार और तेल कंपनियों ने कीमतों में वृद्धि को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय लिया है। वर्तमान व्यवस्था के तहत विदेशी विमानन कंपनियों को बाजार दरों पर ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि घरेलू विमानन क्षेत्र को फिलहाल इस बढ़ोतरी से बाहर रखकर कीमतों को नियंत्रित किया गया है।
अप्रैल में हुई थी भारी बढ़ोतरी
इससे पहले 1 अप्रैल को भी विमान ईंधन की कीमतों में भारी इजाफा किया गया था। तब दरों में 25 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई थी, जिससे कीमतें 1,04,927.18 रुपये प्रति किलोलीटर पर पहुंच गई थीं। गौरतलब है कि भारत में विमान ईंधन की कीमतों को दो दशक पहले ही विनियमित कर दिया गया था, जिसके बाद से ये अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क कीमतों के आधार पर तय की जाती हैं।
