मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को कहा कि औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व करने के बाद लुधियाना अब पंजाब की शिक्षा क्रांति में भी अग्रणी बन रहा है। स्कूल ऑफ एमिनेंस मॉडल ने अमीर-गरीब के बीच शिक्षा की खाई को पाटा है।
आज साधारण परिवारों के बच्चों को भी निजी स्कूलों से बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। बेहतर माहौल के कारण अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिल करवा रहे हैं। वे लुधियाना के किदवई नगर और मिलरगंज में दो नए स्कूल ऑफ एमिनेंस का उद्घाटन करने के बाद जनता को संबोधित कर रहे थे। जिले में स्कूल ऑफ एमिनेंस की कुल संख्या अब 16 हो गई है, जो पंजाब में सबसे अधिक है।
उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने नए परिसरों का दौरा कर कक्षाओं और प्रयोगशाला में छात्रों से संवाद किया। उन्होंने आधुनिक सुविधाओं का जायजा लिया और बच्चों से पढ़ाई व प्रयोगों के बारे में पूछा। इस दौरान कई छात्रों ने उनसे ऑटोग्राफ लिए और हाथ से बनाए चित्र भेंट किए। एक अभिभावक ने भी उन्हें फूलों का गुलदस्ता देकर शिक्षा क्षेत्र में सरकार के प्रयासों की सराहना की। सीएम ने बताया कि किदवई नगर स्कूल 10.62 करोड़ रुपये की लागत से 8300 वर्ग गज में बना है। इसमें 60 कमरे हैं, जिनमें 27 कक्षाएं, 7 अत्याधुनिक लैब, लाइब्रेरी, प्रिंसिपल कार्यालय, 9 शौचालय और 500 सीटों वाला ऑडिटोरियम शामिल है। मिलरगंज स्कूल 3.48 करोड़ रुपये में 1800 वर्ग गज में तैयार हुआ है। इसमें 22 कमरे, 11 कक्षाएं, 7 लैब, प्रिंसिपल कार्यालय, 6 शौचालय और छात्रों की सुविधा के लिए लिफ्ट लगाई गई है।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब प्राथमिक और मिडिल शिक्षा में केरल, दिल्ली और महाराष्ट्र को पीछे छोड़कर देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। पहले राज्य 27वें नंबर पर था। 2026 में सरकारी स्कूलों के 882 छात्रों ने नीट और 125 से अधिक ने जेईई मेन पास किया। लुधियाना से 155 छात्र जेईई / नीट और 47 छात्र पीएसटीएसई में सफल हुए। पिछले साल जिले के 201 छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर पर 25 पदक जीते। सीएम ने कहा कि लुधियाना में अब 16 स्कूल ऑफ एमिनेंस, 11 स्कूल ऑफ ब्रिलियंस और 35 स्कूल ऑफ हैप्पीनेस हैं। इसके अतिरिक्त जिले के 200 सरकारी स्कूलों का ढांचा सुधारा गया है जहां लगभग 3 लाख विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। 20 हजार छात्रों को मुफ्त बस सुविधा दी जा रही है, जिनमें 12 हजार लड़कियां शामिल हैं। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, मुख्य सचिव केएपी सिन्हा और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
