Himachal Pradesh Weather : यातायात जाम के बावजूद मानसून के दौरान शिमला में रिमझिम बारिश, धुंध, सुहावना मौसम और बादलों से घिरी पहाड़ियों के आर्कषण से पर्यटकों का आगमन जारी है। पर्यटन उद्योग के अनुसार, इस मौसम में होटल में नियमित बुकिंग जारी है और अभी तक इसे रद्द करने संबंधी कोई बड़े मामले सामने नहीं आए हैं।
इस बीच, शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को छह और सात जुलाई को हिमाचल प्रदेश के कुछ जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया। हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2023 के विनाशकारी मानसून के दौरान भूस्खलन, अचानक आई बाढ़, बादल फटने और बारिश से जुड़ी अन्य आपदाओं के कारण सड़क, बिजली और संचार नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित हुए थे। इसके बाद से कई पर्यटक पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा को लेकर सतर्क हो गए थे।
इस वर्ष हालांकि अब तक शिमला में बारिश से जुड़ी कोई बड़ी आपदा सामने नहीं आई है। भारी बारिश के कारण आई अचानक बाढ़ से जनजातीय जिले किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चंबा में कई पुल बह गए हैं तथा सड़क संपर्क बाधित हुआ है। शिमला में यातायात जाम और वाहनों की धीमी आवाजाही से लोगों को असुविधा हो रही है, लेकिन मैदानी इलाकों की भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए पर्यटकों का हिमाचल की राजधानी की ओर आना लगातार जारी है।
हालांकि, उन वर्षों में बारिश से जुड़ी आपदाओं के कारण पर्यटकों के मन में आशंकाएं पैदा हो गई थीं, जिससे पर्यटकों की संख्या प्रभावित हुई। ‘शिमला होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन’ के उपाध्यक्ष प्रिंस कुकरेजा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि अब तक बड़े पैमाने पर कोई बुकिंग रद्द नहीं हुई है और यदि बारिश से जुड़ी कोई बड़ी घटना नहीं होती है तो पर्यटन उद्योग को अच्छे सीजन की उम्मीद है।
रुक-रुक कर हो रही बारिश और आसमान में बादलों के बावजूद शिमला में पर्यटकों का लगातार आगमन जारी है और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोग मानसून के शेष सीजन को लेकर आशान्वित हैं। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए मंडी और सिरमौर जिलों तथा मंगलवार के लिए चंबा, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। विभाग ने राज्य में 11 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहने का भी पूर्वानुमान जताया है।
इस बीच, शुक्रवार शाम से पिछले 24 घंटों के दौरान शिमला, जुब्बड़हट्टी, सुंदरनगर, कांगड़ा और कुफरी सहित राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। राजगढ़ में सर्वाधिक 90 मिलीमीटर(मिमी) वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद कसौली में 55 मिमी, मनाली में 51 मिमी, भटियात में 45.3 मिमी, धर्मपुर में 42.4 मिमी, धर्मशाला में 40.1 मिमी, सराहन में 39.5 मिमी, कोटखाई में 31.1 मिमी, सलूनी में 26.2 मिमी, जुब्बड़हट्टी में 26.6 मिमी, जोत में 21.2 मिमी और मशोबरा में 21 मिमी बारिश दर्ज की गई। राज्य में कुकुमसेरी सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, ऊना सबसे गर्म रहा जहां अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
