मौसम विभाग ने 12 जुलाई तक हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में गरज-चमक, बिजली कड़कने और 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ व्यापक बारिश की भविष्यवाणी की है।
इन क्षेत्रों में कुछ दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश भी होने की संभावना है
पंजाब में मानसून का प्रभाव बना हुआ है मगर हरियाणा में इसका स्तर सामान्य से नीचे खिसक गया है। पंजाब के फाजिल्का और मुक्तसर जिलों और हरियाणा के सिरसा और फतेहाबाद जिलों के कुछ हिस्सों को छोड़कर, मानसून ने 3 जुलाई तक पूरे क्षेत्र को कवर कर लिया था, लेकिन उसके बाद यह आगे नहीं बढ़ा है। मानसून की उत्तरी सीमा (एनएलएम) लगातार जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है। आईएमडी का कहना है कि अगले तीन दिनों के दौरान हरियाणा और पंजाब के शेष हिस्सों तथा राजस्थान के कुछ और हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा 6 जुलाई को जारी बुलेटिन के अनुसार, 1 जुलाई से 6 जुलाई की सुबह तक पंजाब में 35 प्रतिशत अधिक बारिश हुई जबकि दूसरी ओर, हरियाणा में इस अवधि के दौरान 24 प्रतिशत की कमी आयी।
शिमला से मिली जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में रातभर भारी बारिश हुई, जिससे चंबा और कुल्लू जिलों में अचानक आई बाढ़ के कारण कई प्रमुख सड़कें बंद हो गईं। इस दौरान, एक वाहन पर पहाड़ी से टूटकर गिरे पत्थर की चपेट में आने से 14 वर्षीय एक लड़की की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि लड़की की पहचान कांगड़ा जिले के धर्मशाला की रहने वाली 14 वर्षीय दीक्षिता के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि वह चार अन्य लोगों के साथ यात्रा कर रही थी।
