अंबाला शहर में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में अध्यक्षता कर रहे सांसद वरुण चौधरी और राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने विकास कार्यों में हो रही देरी एवं अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा एवं जवाबदेही के साथ निभानी होगी। बैठक में अंबाला लोकसभा सांसद वरुण चौधरी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि सांसद निधि क्षेत्र विकास निधि से स्वीकृत कई विकास कार्य निर्धारित समय सीमा के बावजूद अधूरे पड़े हैं। इस पर दोनों सांसदों ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब करते हुए कड़ी फटकार लगाई।
सांसद कार्तिकेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध एवं प्रभावी रूप से पहुंचे। यदि अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन गंभीरता से नहीं करेंगे तो इससे आम जनता का विश्वास प्रभावित होगा, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
समीक्षा के दौरान अधिकारियों की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट होकर राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने एक लापरवाह अधिकारी के स्थानांतरण के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। अपनी नाराजगी दर्ज कराते हुए कार्तिकेय शर्मा बैठक से बाहर निकल गए। बैठक के उपरांत मीडिया से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो अधिकारी काम नहीं करेगा, वह जाएगा। जनता के विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
