प्रदीप गुलिया जोगी ने कहा कि एचटेट परीक्षा के दौरान सामने आई गड़बड़ियों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रश्न पत्र से मुहावरे ही गायब थे, लेकिन परीक्षार्थियों से उनके अर्थ चुनने को कह दिया गया। जोगी ने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार देने में तो पूरी तरह विफल रही ही है, लेकिन जो परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं, उनमें भी इस कदर की लापरवाही बरती जा रही है जो अक्षम्य है।
उन्होंने कहा कि सालों तक मेहनत करने वाले युवाओं को परीक्षा केंद्र पर जाकर पता चलता है कि पेपर की सील पहले से खुली है या उन्हें गलत विषय का पेपर दे दिया गया है। बिना मुहावरे के अर्थ पूछना और पैराग्राफ गायब होना यह दर्शाता है कि शिक्षा बोर्ड और सरकार इस परीक्षा को लेकर कितनी लापरवाह थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रश्न पत्रों में इतनी गंभीर विसंगतियां हैं, त्रुटियां हैं और ओएमआर शीट के नंबर तक मेल नहीं खा रहे, तो ऐसी स्थिति में आनन-फानन में आंसर की जारी कर सरकार अपनी कमियों को छिपाने का प्रयास कर रही है। जोगी ने मांग की है कि एचटेट परीक्षा में हुई इस भारी चूक की तुरंत एक स्वतंत्र और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। जिन अधिकारियों और प्रिंटिंग एजेंसियों की लापरवाही से लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटका है, उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
