पंजाब में संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ राज्य सरकार की सख्ती जारी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब पुलिस की 'गैंगस्टरां ते वार' मुहिम ने बीती 9 अगस्त को 200 दिन पूरे कर लिए और इस दौरान हुई कार्रवाई ने अपराध जगत पर पुलिस की बढ़ती पकड़ की तस्वीर सामने रखी है।
इन 200 दिनों में पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में 1,09,087 छापेमारियां की गईं और 1,532 घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
इसके अलावा 58,212 अपराधियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस की यह मुहिम केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रही, बल्कि गैंगस्टर नेटवर्क के हथियारों, नशे, पैसों, लॉजिस्टिक्स और दूसरे सहयोगी तंत्र को कमजोर करने पर भी फोकस किया गया।
सिर्फ गैंगस्टर नहीं, पूरे नेटवर्क पर निशाना
'गैंगस्टरां ते वार' की सबसे बड़ी खासियत इसका व्यापक स्वरूप है। पुलिस ने केवल कुख्यात गैंगस्टरों को पकड़ने के बजाय उन लोगों और संसाधनों तक पहुंचने की कोशिश की, जो संगठित अपराध के पूरे तंत्र को चलाने में मदद करते हैं।
1.04 लाख से ज्यादा लोगों तक पहुंची कार्रवाई
200 दिनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई का दायरा काफी व्यापक रहा। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक कुल 1,04,927 लोगों को पुलिस कार्रवाई के दायरे में लिया गया। इनमें 2,959 गैंगस्टर और उनके सहयोगी तथा 1,01,968 वांछित अपराधी शामिल थे। पुलिस ने एहतियाती कार्रवाई के तहत 28,201 लोगों को हिरासत में लिया, जबकि जांच और सत्यापन के बाद 18,514 लोगों को छोड़ दिया गया।
संगठित अपराध का सबसे बड़ा आधार हथियार और नशे का नेटवर्क होता है। इसी कड़ी को कमजोर करने के लिए पुलिस ने बड़ी मात्रा में अवैध हथियार और विस्फोटक बरामद किए। 200 दिनों की कार्रवाई में पुलिस ने 990 अवैध हथियार, 242 धारदार हथियार, 2,739 कारतूस, 315 मैगजीन, 2.5 किलोग्राम विस्फोटक और 15 हैंड ग्रेनेड बरामद किए। इससे साफ है कि कार्रवाई का एक बड़ा हिस्सा गैंगस्टरों की हथियारों तक पहुंच रोकने पर केंद्रित रहा।
नशे और गैंगस्टर नेटवर्क के गठजोड़ पर भी चोट
पंजाब में संगठित अपराध और नशे के बीच संबंध को देखते हुए पुलिस ने अभियान के दौरान ड्रग नेटवर्क पर भी बड़े स्तर पर कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, इस दौरान 774.38 किलोग्राम हेरोइन, 480.23 किलोग्राम अफीम, 7,266.26 किलोग्राम पोस्त की भूसी और 26.91 लाख से अधिक नशीली गोलियां बरामद की गईं। इसके साथ ही करीब 1.73 करोड़ रुपये की ड्रग मनी, 1.80 करोड़ रुपये से अधिक नकद और 413.85 ग्राम सोना भी जब्त किया गया।
'कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं'-पुलिस का स्पष्ट संदेश
डीजीपी गौरव यादव ने अभियान के 200 दिन पूरे होने पर कहा कि पुलिस की रणनीति अब संगठित अपराध के पूरे इकोसिस्टम को निशाना बना रही है। इसमें अपराधियों के सहयोगियों के साथ-साथ वित्तीय स्रोत, लॉजिस्टिक्स, संचार माध्यम और विदेशों से जुड़े लिंक भी शामिल हैं।
जनता की भागीदारी के लिए हेल्पलाइन भी
गैंगस्टर और संगठित अपराध के खिलाफ लड़ाई में आम लोगों की सूचना भी अहम भूमिका निभा सकती है। इसी उद्देश्य से एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स ने 93946-93946 पर एक हेल्पलाइन शुरू की है, जहां लोग वांछित अपराधियों, गैंगस्टरों और आपराधिक गतिविधियों से संबंधित जानकारी साझा कर सकते हैं।
