पानीपत-रोहतक नेशनल हाईवे पर गांव नौल्था में प्रस्तावित पुल निर्माण को लेकर ग्रामीणों और दुकानदारों में भारी रोष है। नौल्था के सैकड़ों दुकानदार व ग्रामीण हाईवे पर पिलर आधारित (पिल्लर वाला) पुल बनाने की मांग कर रहे हैं, ताकि आवागमन और व्यापार प्रभावित न हो।
इसी मुद्दे पर रविवार को गांव नौल्था की नरवान पाना चौपाल में महापंचायत आयोजित की गई। पंचायत की अध्यक्षता मास्टर ईश्वर सिंह जागलान ने की, जबकि संत सोमवार नाथ विशेष रूप से मौजूद रहे। संचालन युवा नेता मनोज जागलान ने किया।
संत सोमवार नाथ ने कहा कि बढ़ती आबादी और आसपास के एक दर्जन गांवों की कनेक्टिविटी को देखते हुए पिलर आधारित पुल ही व्यावहारिक समाधान है। मिट्टी का पुल बनने से सर्विस रोड बेहद संकरी हो जाएगी, जिससे भारी वाहनों और किसानों को खेतों तक आने-जाने में परेशानी होगी। नौल्था डुंगरान के सरपंच पति नीरज कौशिक ने कहा कि मिट्टी का पुल गांव के विकास को बाधित करेगा। उन्होंने एनएचएआई द्वारा दिए गए कटों को अनुचित बताते हुए सड़कों के ठीक सामने कट देने की मांग की। सरपंच बलराज जागलान ने कहा कि गांव नौल्था को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने गोद ले रखा है। ग्राम पंचायत इस संबंध में केंद्रीय मंत्री और पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार से भी मिल चुकी है। पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि पिलर आधारित पुल की मांग नहीं मानी गई तो ग्रामीण बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
