भारत और इंडोनेशिया ने मंगलवार को व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नयी मजबूती देते हुए रक्षा, समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा और लोकतांत्रिक सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में 14 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग को और विस्तार देने के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप पर भी सहमति जताई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच जकार्ता में व्यापक द्विपक्षीय वार्ता हुई। दोनों नेताओं ने नियमित शिखर बैठकों को संस्थागत स्वरूप देने, मंत्रिस्तरीय संवाद तंत्र को मजबूत करने और दोनों देशों की संसदों के बीच सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। इसे दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक और अधिक संगठित रणनीतिक साझेदारी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद दोनों नेताओं की मौजूदगी में रक्षा, दूरसंचार, अंतरिक्ष सहयोग, कृषि, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवा, महत्वपूर्ण खनिज, चुनावी सहयोग और इस्पात आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े समझौतों का आदान-प्रदान किया गया।
दोनों देशों ने कई नयी पहलों की भी घोषणा की। इनमें भारत के ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएमडीसी) की तर्ज पर इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क शुरू करना तथा ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण और पुनर्स्थापन में भारत का सहयोग शामिल है। प्रेस वार्ता में मोदी ने कहा कि वर्ष 2018 में शुरू की गई भारत-इंडोनेशिया की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को अब नयी ऊर्जा और गहरी रणनीतिक मजबूती मिली है। वार्ता का सबसे महत्वपूर्ण विषय रक्षा सहयोग रहा।
दोनों देशों ने नियमित सैन्य आदान-प्रदान, संयुक्त सैन्य अभ्यास, रक्षा अनुसंधान, रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग, रक्षा प्रौद्योगिकी के सह-उत्पादन, तकनीक हस्तांतरण, जहाज निर्माण तथा जहाजों के रखरखाव और मरम्मत सुविधाओं को मजबूत करने पर सहमति जताई। इंडोनेशिया ने मलक्का जलडमरूमध्य के निकट स्थित रणनीतिक साबांग बंदरगाह के एकीकृत विकास में भारत की भागीदारी के प्रति अपनी सहमति प्रदान की।
पीएम मोदी को सर्वोच्च सम्मान
पीएम नरेंद्र मोदी को भारत और इंडोनेशिया के बीच संबंधों को मजबूत करने में उनकी भूमिका के लिए इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान 'बिन्तांग आदिपूर्ण ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया' प्रदान किया गया। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने मोदी को यह पदक प्रदान किया।
