अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की ईरान युद्ध को लेकर जनता को गुमराह करने और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को हटाने के आरोपों पर यहां प्रतिनिधि सभा की सशस्त्र सेवा समिति की सुनवाई के दौरान बुधवार को डेमोक्रेट सांसदों से तीखी बहस हुई।
छह घंटे चली इस सुनवाई में माहौल गरमा गया, जिसमें ट्रंप प्रशासन के 1500 अरब डॉलर के रक्षा बजट पर चर्चा हो रही थी। 28 फरवरी को शुरू हुए ईरान युद्ध के बाद पहली बार हेगसेथ कांग्रेस के सामने पेश हुए। अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन ने युद्ध की लागत 25 अरब डॉलर बताई, लेकिन कई डेमोक्रेट सांसदों ने इस पर संदेह जताया और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ”मानसिक स्वास्थ्य” तक पर सवाल उठाए। इस पर हेगसेथ ने पलटवार करते हुए कहा कि ट्रंप ”विभिन्न पीढ़ियों में सबसे तेज और सूझबूझ वाले कमांडर-इन-चीफ” हैं।
उन्होंने डेमोक्रेट सदस्यों से पूछा कि क्या उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की क्षमता पर कभी सवाल उठाया था। ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन भी सुनवाई में मौजूद थे। हेगसेथ ने कहा कि इस समय सबसे बड़ा खतरा विपक्षी नेताओं के ”गैर-जिम्मेदार और निराशावादी बयान” हैं, जो मिशन की सफलता को नजरअंदाज कर रहे हैं। युद्ध के बीच वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को हटाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि ”नया नेतृत्व” लाने के लिए यह जरूरी था।
रिपब्लिकन सांसद नैन्सी मेस ने उनके फैसलों का समर्थन किया। वहीं, कैलिफोर्निया के डेमोक्रेट सांसद जॉन गरामेंडी ने ट्रंप प्रशासन की कड़ी आलोचना करते हुए इसे ”राजनीतिक और आर्थिक आपदा” बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका पश्चिम एशिया में एक और युद्ध में फंस गया है। हेगसेथ ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह दुश्मनों को बढ़ावा देने जैसा है। हेगसेथ बृहस्पतिवार को सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति के सामने भी पेश होंगे।
