शहर में दूषित पेयजल, बदहाल सफाई व्यवस्था और घर-घर से समय पर कूड़ा नहीं उठने जैसी समस्याओं को लेकर रविवार को निगम पार्षदों का सब्र टूटता नजर आया। बाबा धाम स्थित कम्युनिटी सेंटर में आयोजित मासिक बैठक में कांग्रेस और भाजपा के पार्षदों व उनके प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर अधिकारियों और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई।
पार्षदों ने दोटूक कहा कि जनता से जुड़े विकास कार्यों और मूलभूत सुविधाओं में किसी भी अधिकारी या ठेकेदार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में पार्षदों ने कहा कि शहर के कई इलाकों से दूषित पेयजल की लगातार शिकायतें मिल रही हैं, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इसके अलावा जेबीएम कंपनी की ओर से घर-घर नियमित कूड़ा नहीं उठाए जाने, कूड़ा संग्रहण के लिए पर्याप्त वाहनों, हेल्परों और सफाई कर्मचारियों की कमी के कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
बैठक में शहर में विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग उठाई गई। पार्षदों ने कहा कि जनता ने उन्हें अपने प्रतिनिधि के रूप में चुना है और उनकी प्राथमिकता शहरवासियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान कराना है। बार-बार शिकायतों के बावजूद यदि समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं तो यह संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है।
पार्षदों ने चेतावनी दी कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सभी पार्षद एकजुट होकर संघर्ष करेंगे और उच्च स्तर पर कार्रवाई की मांग करेंगे। बैठक में निगम पार्षद जयकंवार खत्री, अनुराग जैन, राजकुमार शर्मा, मुकेश, त्रिभुवन कौशिक, राजेश मलिक, रामनिवास, संजय ठेकेदार, जिला पार्षद संजय बड़वासनी तथा पार्षद प्रतिनिधि मुकेश सैनी, ब्रह्मप्रकाश राठी मौजूद रहे।
