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LPG Shortage : गैस की किल्लत नहीं, फिर भी देरी क्यों? दिल्ली सरकार ने दिया जवाब, कहा- बैकलॉग बना वजह

LPG Shortage : दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को साफ किया कि राष्ट्रीय राजधानी में द्रवित पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की आपूर्ति शृंखला मजबूत बनी हुई है, लेकिन ‘बैकलॉग’ की वजह से उपभोक्ताओं तक सिलेंडर आपूर्ति में वक्त लग रहा है।

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में अतिरिक्त आयुक्त अरुण कुमार झा ने दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त मिलिंद डुंबरे के साथ संयुक्त पत्रकार वार्ता में कहा कि हाल में एलपीजी की मांग में भारी उछाल आया था। बुकिंग बढ़कर प्रतिदिन दो लाख तक पहुंच गई थी, लेकिन एक अप्रैल को बुकिंग 1.11 लाख थी, जो सामान्य औसत 1.60 लाख से कम है। किंग के ‘बैकलॉग’ की वजह से उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिलने में देरी हो रही है और इसी वजह से गैस एजेंसियों पर कतारें लग रही हैं। उन्होंने कहा कि ‘बैकलॉग’ को पाटा जा रहा है।

आने वाले कुछ दिनों में एलपीजी की आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है। झा ने यह भी बताया कि दिल्ली सरकार ने आज से कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई के लिए नियंत्रण कक्ष शुरू किया है। उन्होंने आम लोगों से 23379836 और 8383824659 पर सिलेंडरों की कालाबाजारी एवं जमाखोरी की सूचना देने की अपील करते हुए कहा कि प्राप्त जानकारी पर विभाग दिल्ली पुलिस और तेल वितरण कंपनियों के साथ मिलकर सख्त कार्रवाई करेगा और सूचना देने वाले की पहचान को गुप्त रखा जाएगा।

झा ने वाणिज्यिक सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर कहा कि केंद्र सरकार ने मौजूदा संकट के दौर में ऐसे सिलेंडर की आपूर्ति में सामान्य स्थिति की तुलना में केवल 30 प्रतिशत की कटौती की है अर्थात राष्ट्रीय राजधानी में 19 किलो वाले 6300 सिलेंडर रोजाना आपूर्ति करने की अनुमति है और और इस मोर्चे पर एलपीजी की भी कोई दिक्कत नहीं है। मौजूदा संकट से पहले रोजाना 9000 वाणिज्यिक सिलेंडर की आपूर्ति की अनुमति थी। उन्होंने एक सवाल के जवाब में बताया कि जिन प्रवासी मजदूरों के पास कनेक्शन नहीं है और यदि वे पांच किलोग्राम का सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं, तो किसी भी गैस एजेंसी पर अपना पहचान पत्र दिखाकर सिलेंडर ले सकते हैं।

सरकार का जोर है कि दिल्ली के कोने-कोने में पीएनजी पहुंचाई जाए, क्योंकि एलजीपी की तुलना में यह देश में अत्याधिक मात्रा में है और देश में भी इसका उत्पादन होता है। पीएनजी की जिन इलाकों में उपलब्धता है, वहां के लोगों से अनुरोध है कि एलपीजी को छोड़कर पीएनजी का कनेक्शन लें और अगर वे कनेक्शन नहीं लेते हैं तो आने वाले वक्त में उनके एलजीपी कनेक्शन पर इसका असर पड़ सकता है। अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली में रोजाना पीएनजी के 2500 से 3000 कनेक्शन दिए जा रहे हैं और मार्च में कुल 60 हजार कनेक्शन दिए हैं।

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