रामबास में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना होने से अब वहां के निवासियों को ओपीडी, प्राथमिक उपचार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं और नियमित टीकाकरण जैसी आवश्यक सुविधाएं गांव में ही उपलब्ध हो सकेंगी। इससे न केवल मरीजों के समय की बचत होगी बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से भी राहत मिलेगी। इसके अतिरिक्त जिले के छापड़ा सलीमपुर, कनीना, छिलरो, मुंडिया खेड़ा, भडफ़, मोरुंड, नायन, राय मलिकपुर, मुसनोता, चंदपुरा, नांगल नूनिया और सेका गांवों में नए उप-स्वास्थ्य केंद्र खोले जा रहे हैं। इन सभी केंद्रों के क्रियाशील होने से गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और बच्चों के टीकाकरण जैसे प्राथमिक कार्य सुगम हो जाएंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता बढ़ेगी : आरती सिंह राव
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन नए संस्थानों के आने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे पूरी चिकित्सा व्यवस्था को एक नई मजबूती मिलेगी और यह कदम जिले के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार लोगों को उनके घर द्वार पर ही मुफ्त इलाज मुहैया करवाने को प्रतिबद्ध है। हरियाणा में लगातार स्वास्थ्य क्षेत्र में बेहतरीन परिवर्तन हो रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि ग्रामीण अंचलों में इन स्वास्थ्य केंद्रों के सुचारू रूप से शुरू होने के बाद स्थानीय स्तर पर ही बुनियादी दवाइयां और स्वास्थ्य जांच की सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी, जिससे आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को तुरंत राहत दी जा सकेगी। सरकार आने वाले समय में इन केंद्रों पर आवश्यक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों और पर्याप्त स्टाफ की तैनाती भी सुनिश्चित करेगी ताकि दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याणकारी नीतियों का सीधा लाभ निर्बाध रूप से पहुंच सके।
