Modi Visit: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई पर ले जाने का बृहस्पतिवार को आह्वान करते हुए ऑस्ट्रेलियाई कारोबारियों से भारत में निवेश बढ़ाने और प्रस्तावित सीईसीए को शीघ्र अंतिम रूप देने की अपील की।
मोदी ने मेलबर्न में ‘ऑस्ट्रेलिया-इंडिया सीईओ फोरम’ और ‘इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने इन कार्यक्रमों को अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज के साथ संयुक्त रूप से संबोधित किया।
भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन कार्यक्रमों में भारत और ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख मुख्य कार्यपालक अधिकारियों और उद्योग जगत के दिग्ग्जों ने हिस्सा लिया।
सीईओ फोरम को संबोधित करने के बाद मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ” 2023 से इस फोरम ने उल्लेखनीय गति हासिल की है, जो हमारी आर्थिक साझेदारी में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। इस संवाद में शामिल होने और हमारे आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के अपने दृष्टिकोण को साझा करने के लिए मैं प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज का आभार व्यक्त करता हूं।”
मोदी ने कहा कि उन्होंने विमानन, परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स, वित्तीय सेवाएं, महत्वपूर्ण खनिज, प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण, खाद्य सुरक्षा और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने कहा, ” भारत विकास एवं नवाचार के लिए बेजोड़ अवसर प्रदान करता है। मैंने कारोबारियों को भारत में निवेश करने और नवाचार करने के लिए आमंत्रित किया।”
एमईए के बयान के अनुसार, सीईओ फोरम को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत की ”मजबूत आर्थिक वृद्धि, नीतिगत सुधार, डिजिटल बदलाव और बढ़ रहा नवाचार परिवेश ऑस्ट्रेलियाई साझेदारों के लिए नए कारोबारी अवसर पैदा कर रहे हैं।”
उन्होंने भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्थाओं के बीच परस्पर पूरकता का भी उल्लेख किया और विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, खनन, बुनियादी ढांचा, कृत्रिम मेधा, वित्तीय प्रौद्योगिकी और डिजिटल आर्थिक गतिविधियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत में उपलब्ध ”व्यापक अवसरों” को रेखांकित किया।
मोदी ने कहा कि भारत का विशाल आकार और ऑस्ट्रेलिया की विशेषज्ञता ”दोनों पक्षों के लिए लाभकारी प्रस्ताव” है और ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों को भारत में दीर्घकालिक निवेश के अवसरों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया।
एमईए ने कहा, ” उन्होंने भारत में ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों की बढ़ती उपस्थिति का स्वागत किया और इस बात पर जोर दिया कि उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार तथा कौशल विकास में गहरा सहयोग दोनों देशों की प्रतिभाओं को भविष्य के लिए तैयार करने के साथ-साथ उन्हें वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने में भी मदद करेगा।”
एमईए ने ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि मोदी ने ‘इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस’ कार्यक्रम में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ”स्वाभाविक तालमेल” का उल्लेख किया। उन्होंने कारोबारियों को महत्वपूर्ण खनिज, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम मेधा, इलेक्ट्रिक वाहन और रक्षा जैसे क्षेत्रों में साथ मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस कार्यक्रम में दोनों देशों के 200 से अधिक मुख्य कार्यपालक अधिकारियों और उद्योग जगत के दिग्गजों ने भाग लिया। बयान में कहा गया कि मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि ” साझा लोकतांत्रिक मूल्य, हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए समान दृष्टिकोण, लोगों के बीच जीवंत संबंध और मजबूत राजनीतिक समझ दोनों देशों के बीच कारोबारी साझेदारी के साथ मिलकर बढ़ने तथा समृद्ध होने के लिए उपजाऊ आधार तैयार करते हैं।”
मोदी ने उद्योग जगत के दिग्गजों से दोनों पक्षों की परस्पर पूरक क्षमताओं का लाभ उठाने और विशेष रूप से दुर्लभ खनिज तत्वों, लिथियम, बैटरियों, इलेक्ट्रॉनिक्स, ईवी, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम मेधा और रक्षा आपूर्ति श्रृंखलाओं के क्षेत्रों में वैश्विक समाधान विकसित करने का आग्रह किया।
मोदी ने कहा कि द्विपक्षीय कारोबारी संबंधों को अगले स्तर तक ले पहुंचाने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि भारत के राज्य और ऑस्ट्रेलिया के प्रांत अपनी-अपनी प्रमुख क्षमताओं के आधार पर ”गतिशील आर्थिक साझेदारियां” करें। भारत और ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौता की नींव पर आगे बढ़ते हुए सीईसीए पर सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया भारत का 14वां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का द्पविक्षीय व्यापार 24.1 अरब अमेरिकी डॉलर का रहा। मोदी अपनी तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण में बुधवार को ऑस्ट्रेलिया पहुंचे। इससे पहले वह इंडोनेशिया में थे और अपनी यात्रा के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड जाएंगे।
