काम के घंटे बढ़ाये जाने के विरोध में सोमवार को एमएम डीम्ड यूनिवर्सिटी के नर्सिंग स्टाफ ने अचानक बुड़ियां-मुलाना मुख्य मार्ग को पूरी तरह ठप कर दिया। इसके साथ ही चिकित्सा जगत में कार्यप्रणाली और प्रशासनिक फैसलों के बीच का असंतुलन की पोल खुल गई। जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह ड्यूटी पर पहुंचे स्वास्थ्य कर्मियों को जब छह घंटे की बजाय आठ घंटे काम करने का नया फरमान मिला, तो उनका आक्रोश भड़क उठा।
बताया गया है कि 250 से अधिक नर्सिंग स्टाफ़ के सदस्यों ने सड़क पर बैठकर यूनिवर्सिटी प्रशासन के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी शुरू कर दी। नर्सिंग कर्मियों का कहना था कि बिना किसी पूर्व सूचना या संवाद के काम के घंटे बढ़ाना सीधे तौर पर मानसिक तनाव को आमंत्रण देना है, जिससे अंततः मरीजों की देखभाल प्रभावित होगी। दो घंटे तक चले इस चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान अस्पताल के भीतर मरीजों की सुध लेने वाला कोई नहीं था और व्यवस्था प्रशिक्षु छात्रों के भरोसे छोड़ दी गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। मुलाना थाना प्रभारी प्रमोद कुमार ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उचित स्तर पर उनकी मांगें पहुंचाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
