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NABARD-NABFID Agreement: ग्रामीण बुनियादी ढांचे को बढ़ावा, नाबार्ड और नैबफिड ने वित्तपोषण समझौता किया

NABARD-NABFID Agreement: राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) और राष्ट्रीय अवसंरचना वित्तपोषण विकास बैंक (नैबफिड) ने ग्रामीण क्षेत्रों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालने वाली बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वित्तपोषण में सहयोग मजबूत करने के लिए एक प्रारंभिक समझौता किया है।

दोनों संस्थानों ने बृहस्पतिवार को जारी संयुक्त बयान में कहा कि समझौता ज्ञापन (एमओयू) संयुक्त वित्तपोषण, ज्ञान साझा करने और वित्तपोषण के नए समाधान विकसित करने के लिए एक रूपरेखा प्रदान करता है। इसका ध्यान ऐसी परियोजनाओं के लिए दीर्घकालिक एवं प्रतिस्पर्धी दरों पर वित्त की उपलब्धता बढ़ाने पर है जो ग्रामीण बुनियादी ढांचे और मूल्य शृंखलाओं को मजबूत कर सकती हैं।

नाबार्ड के चेयरमैन शाजी कृष्णन वी. और नैबफिड के प्रबंध निदेशक राजकिरण राय जी. ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इसमें सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) परियोजनाओं, कृषि-मूल्य शृंखलाओं तथा ग्रामीण क्षेत्रों से मजबूत जुड़ाव रखने वाले बुनियादी ढांचे को शामिल करने की बात कही गई है।

बयान में कहा गया कि प्रमुख क्षेत्रों में जल एवं स्वच्छता, सिंचाई, फसल कटाई के बाद भंडारण और ‘कोल्ड-चेन’ सुविधाएं, टर्मिनल बाजार, ग्रामीण सड़कें और पुल, भंडारण तथा ‘कंप्रेस्ड बायोगैस’ शामिल हैं। ये क्षेत्र ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण के अनुरूप मजबूत और भविष्य के लिए तैयार ग्रामीण बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं।

नाबार्ड के चेयरमैन शाजी कृष्णन वी. ने कहा, ”यह सहयोग ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के बीच की खाई को पाटने और ग्रामीण समृद्धि को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है, जो एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्राथमिकता बनी हुई है। यह एमओयू एक अच्छी शुरुआत है और हम इस बड़े लक्ष्य की दिशा में मिलकर काम करने को उत्सुक हैं।”

नैबफिड के प्रबंध निदेशक राजकिरण राय जी. ने साझेदारी पर कहा कि यह दोनों संस्थानों के बीच स्वाभाविक तालमेल को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण, भंडारण और ‘कोल्ड-चेन’ संपर्क जैसे क्षेत्रों में व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य और वित्तपोषण योग्य परियोजनाएं तैयार करने का वास्तविक अवसर है। इससे किसानों की आय बढ़ाने और भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सार्थक योगदान दिया जा सकता है।

बयान के अनुसार, इस साझेदारी का उद्देश्य ग्रामीण बुनियादी ढांचे और संबद्ध मूल्य शृंखलाओं के लिए दीर्घकालिक वित्त की उपलब्धता बढ़ाना, व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य परियोजनाओं को समर्थन देना, संपर्क एवं बाजार पहुंच में सुधार करना तथा ग्रामीण आय बढ़ाने में योगदान देना है। इसमें कहा गया कि अपनी-अपनी क्षमताओं को एक साथ लाकर नाबार्ड और नैबफिड सतत ग्रामीण विकास को समर्थन देने तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच की खाई को कम करने में योगदान देने का लक्ष्य रखते हैं।

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