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नारायणगढ़ बना निवेश का नया केंद्र, आईएमटी परियोजना को मिली रफ्तार

रियाणा सरकार ने औद्योगिक विस्तार की दिशा में एक बड़ा और रणनीतिक कदम उठाते हुए अंबाला जिले के नारायणगढ़ को नए औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज कर दी है। इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) की स्थापना के लिए किसानों की सहमति मिलने के साथ ही यह परियोजना अब जमीन पर उतरने के करीब पहुंच गई है।

करीब 450 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित यह आईएमटी न केवल क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलेगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खोलेगा।
इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक सुशील सारवान, उपायुक्त अंबाला अजय सिंह तोमर, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव यशपाल के अलावा, हरियाणा से आए किसानों में पूर्व चेयरमैन पवन गुर्जर, रणबीर सिंह सरपंच, राकेश, मुकेश कुमार, फकीर चंद, धनीराम, विक्की, गफ्फर नसीम, कृष्ण अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
इस परियोजना की सबसे खास बात यह रही कि सरकार और किसानों के बीच जमीन के मुआवजे को लेकर सकारात्मक सहमति बन गई।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात के दौरान किसानों ने तय दरों पर अपनी सहमति जताई, जिससे परियोजना के क्रियान्वयन का रास्ता आसान हो गया। किसानों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी कदम बताया। सरकार और किसानों के बीच यह तालमेल भविष्य की परियोजनाओं के लिए भी एक सकारात्मक संकेत माना जा
रहा है।

रोजगार और निवेश के नए अवसर

आईएमटी की स्थापना से सबसे बड़ा लाभ स्थानीय युवाओं को मिलेगा। नए उद्योगों के आने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के हजारों अवसर पैदा होंगे। साथ ही, छोटे और मध्यम उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। सरकार का मानना है कि इस तरह की परियोजनाएं न केवल औद्योगिक विकास को गति देती हैं, बल्कि क्षेत्रीय असंतुलन को भी कम करती हैं।

बदलेगी अंबाला की औद्योगिक पहचान

सरकार का लक्ष्य अंबाला क्षेत्र को एक मजबूत औद्योगिक क्लस्टर के रूप में विकसित करना है। पहले से चल रही परियोजनाओं के साथ अब नारायणगढ़ में आईएमटी जुड़ने से इस इलाके की औद्योगिक पहचान और मजबूत होगी। अंबाला पहले ही मिक्सी उद्योग और मेडिकल उपकरण निर्माण के लिए जाना जाता है, और अब नए आईएमटी इस पहचान को और विस्तार देंगे। सरकार की योजना है कि इस क्षेत्र को धीरे-धीरे आधुनिक औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, ठीक उसी तरह जैसे गुरुग्राम आज देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में गिना जाता है।

'विकसित हरियाणा' की दिशा में मजबूत कदम

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल औद्योगिक विस्तार नहीं, बल्कि संतुलित विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' विज़न का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा भी इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का फोकस ऐसे क्षेत्रों को विकसित करने पर है, जो अब तक औद्योगिक दृष्टि से पिछड़े रहे हैं, ताकि पूरे प्रदेश में समान विकास हो सके।

10 आईएमटी का विज़न तेजी से साकार

मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में प्रदेश में 10 इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप स्थापित करने की घोषणा की थी। इस दिशा में मानेसर, बावल, रोहतक, फरीदाबाद, सोहना और खरखौदा जैसे क्षेत्रों में पहले से काम चल रहा है। नारायणगढ़ में आईएमटी की शुरुआत इस बात का संकेत है कि सरकार अपने वादों को तय समयसीमा में पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह परियोजना उन योजनाओं में शामिल है, जिन्हें सरकार ने घोषणा के एक वर्ष के भीतर जमीन पर उतारने का लक्ष्य रखा था।

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