इस्कॉन कुरुक्षेत्र के अध्यक्ष साक्षी गोपाल दास ने कहा कि मनुष्य के जीवन में पापों से पूर्ण मुक्ति और हृदय की शुद्धि का एकमात्र मार्ग भगवान वासुदेव की भक्ति है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल तप या प्रायश्चित से व्यक्ति अस्थायी शुद्धि तो पा सकता है, लेकिन पाप करने की प्रवृत्ति का जड़ से विनाश केवल भक्ति की शक्ति से ही संभव है।
साक्षी गोपाल दास कटारिया लैंड, पानीपत में इस्कॉन कुरुक्षेत्र एवं इस्कॉन प्रचार समिति द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। साक्षी गोपाल दास ने भक्ति में स्थिरता और प्रगति के लिए चार अनिवार्य नियमों का पालन करने का आह्वान किया। भोजन केवल भगवान को भोग लगाकर ही ग्रहण करें, मद्यपान और अन्य सभी प्रकार के नशों का पूर्ण त्याग, सट्टेबाजी और जुआ आदि अनैतिक कार्यों से दूरी और वैवाहिक मर्यादा का पालन और पराई स्त्री से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि इन नियमों के साथ जो व्यक्ति प्रतिदिन महामंत्र की 16 माला का जप करता है, वह शीघ्र ही भगवान की कृपा का पात्र बन जाता है। साक्षी गोपाल दास ने भक्तों को 'हरे कृष्ण' महामंत्र की जप विधि विस्तार से समझाई। उन्होंने घोषणा की कि 30 अप्रैल को 'नरसिंह चतुर्दशी' का उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। कार्यक्रम में रथयात्रा डायरेक्टर सिया राम गुप्ता, चेयरमैन राम निवास गुप्ता, इस्कॉन प्रचार समिति के अध्यक्ष सुंदर लाल चुघ, आशु गुप्ता, अशोक गोयल, राजेश गोयल, सन्नी अग्रवाल, राजन गुप्ता, साहिल गुप्ता मौजूद रहे।
