देश में तेजी से तरक्की कर रहे पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी कारोबार में रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर खूब बढ़ रहे हैं। भौगोलिक पर्यटन हो या धार्मिक,सांस्कृतिक टूरिज्म -पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है।
इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर, धन व स्थिरता की मिश्रित संभावनाएं हैं। वहीं छात्र पढ़ाई के साथ कुछ कमा भी सकते हैं। युवा पर्यटन का पेशा चुन कर कामयाब कैरियर बना सकते हैं।
'सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल, ज़िंदगानी फिर कहां, ज़िंदगी गर कुछ रही तो, नौजवानी फिर कहां'- मशहूर शायर ख़्वाजा मीर दर्द के इस शेर में पर्यटन का मर्म समाया हुआ है। घुमक्कड़ी के शौक़ीन यायावरों के इसी जुनून ने दुनिया में पर्यटन के कारोबार को 10 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचा दिया है। वर्ल्ड टूरिज्म बैरोमीटर के अनुसार, 2025 में वैश्विक स्तर पर अनुमानित 1.52 अरब अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का रिकॉर्ड दर्ज किया गया और स्वदेशी पर्यटकों का आंकड़ा और बड़ा है। भारत की अर्थव्यवस्था में पर्यटन का कुल आर्थिक योगदान करीब 16-18 लाख करोड़ रुपये आंका जाता है, जो जीडीपी का लगभग 7-9 प्रतिशत है। हमारे देश में पर्यटन की कई महत्वपूर्ण शाखाएं हैं। हिमालय हमारे पर्यटन का बड़ा आधार है और इसी तरह से हमारी सांस्कृतिक विविधता पर्यटकों को खींचती है। भारत का धार्मिक पर्यटन भी अद्भुत है। करोड़ों लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से टूरिज्म क्षेत्र में कार्यरत हैं। सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि पर्यटन में रोजगार एवं उद्यमिता की कितनी संभावनाएं हैं।
पर्यटन में अवसरों की भरमार
आने वाले वर्षों में पर्यटन में लाखों नए रोजगार सृजित होने की संभावना है। पर्यटन का क्षेत्र युवाओं के लिए अवसरों का विस्तृत आसमान है, जिसमें जितनी क्षमता और जितना कौशल है, वह उतनी ही ऊंची छलांग लगा सकता है। पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के असीमित अवसर, धन, स्थिरता और पहचान, सबकी मिश्रित संभावनाएं हैं। इसलिए युवा पीढ़ी पर्यटन को पेशे के रूप में चुन कर अपना कामयाब कैरियर बना सकती है। पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में तेजी से विस्तार हो रहा है। ऐसे में इस फील्ड में कई नयी भूमिकाएं तेजी से उभर रही हैं।
जॉब रोल जो हाई डिमांड में
होटल मैनेजर, शेफ, फूड एंड बेवरेज मैनेजर, फ्रंट ऑफिस एग्जीक्यूटिव, हाउसकीपिंग सुपरवाइजर, इवेंट मैनेजर, ट्रैवल कंसल्टेंट, टूअर ऑपरेटर, एयरलाइन केबिन क्रू और क्रूज़ स्टाफ जैसे पदों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा डिजिटल युग में टूरिज्म मार्केटिंग, ट्रैवल कंटेंट क्रिएशन और ऑनलाइन बुकिंग मैनेजमेंट जैसे नए कैरियर विकल्प भी उभर रहे हैं।
कैरियर बनाने के लिए बेहतर फील्ड
पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी केवल एक इंडस्ट्री या कारोबार ही नहीं, बल्कि रोजगार का विशाल स्रोत है। बोर्ड परीक्षाएं समाप्त होने के बाद देशभर के हजारों विद्यार्थी अब जीवन के एक महत्वपूर्ण मुहाने पर खड़े हैं-सवाल होता है, 12वीं के बाद क्या करें? नई पीढ़ी के छात्र संभावनाओं से भरपूर ऐसे ही नये-नये कैरियर विकल्प तलाश रहे हैं। बैचलर इन होटल मैनेजमेंट, मास्टर इन होटल मैनेजमेंट, डिप्लोमा इन ट्रेडिशनल फूड्स एंड स्वीट्स, बैचलर ऑफ टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट, बी.एससी. इन हॉस्पिटैलिटी एंड होटल एडमिनिस्ट्रेशन, बैचलर ऑफ वोकेशन इन टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी, डिप्लोमा इन फूड एंड बेवरेज सर्विस, डिप्लोमा इन फ्रंट ऑफिस ऑपरेशंस, डिप्लोमा इन बेकरी एंड कन्फेक्शनरी, डिप्लोमा इन ट्रैवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट बहुत ज्यादा मांग में हैं। आज के समय में होटल मैनेजमेंट केवल होटलों तक सीमित नहीं है। यह एविएशन, क्रूज़ लाइन्स, लक्ज़री टूरिज़्म, इवेंट मैनेजमेंट और कॉर्पोरेट हॉस्पिटैलिटी जैसे कई क्षेत्रों के भी द्वार खोलता है।
कमाई और पढ़ाई साथ-साथ
छात्रों को फूड प्रोडक्शन, बेकरी, फ्रंट ऑफिस ऑपरेशन्स और हाउसकीपिंग जैसे क्षेत्रों में आधुनिक लैब्स और वास्तविक उद्योग अनुभव के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है। इंटर्नशिप और ऑन द जॉब ट्रेनिंग प्रोग्राम यह सुनिश्चित करते हैं कि छात्र आत्मविश्वास और व्यावहारिक ज्ञान के साथ डिग्री पूरी कर सके। पढ़ाई के साथ कमाई आधुनिक होटल मैनेजमेंट कार्यक्रमों की विशेषता है। इसमें छात्रों को पेशेवरों के साथ काम करने का अवसर मिलता है, जिससे वे वास्तविक अनुभव प्राप्त करते हैं, साथ ही अपनी पढ़ाई के दौरान कमाई भी कर सकते हैं। कई बार यह राशि इतनी मिलती है कि विद्यार्थी अपनी फ़ीस भी इसी से पूरी कर सकते हैं। साथ ही इस ट्रेनिंग के माध्यम से विद्यार्थियों को पेशेवर नेटवर्क मजबूत बनाने के महत्वाकांक्षी अवसर भी मिलते हैं।
-लेखिका श्री विश्वकर्मा कौशल विवि, पलवल में स्किल डिपार्टमेंट ऑफ़ टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी की अध्यक्ष हैं।
