कानून की एक होनहार छात्रा लक्षिता नैय्यर को श्रद्धांजलि एवं सम्मान अर्पित करने के उद्देश्य से 3 अगस्त (उनके 21वें जन्मदिवस) को उनके स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाएगा। लक्षिता का जीवन मात्र 20 वर्ष 6 माह की आयु में समाप्त हो गया था।
चंचल नारंग हैं। इस पुस्तक का लेखन लक्षिता की बहन दीक्षा नैय्यर तथा लक्षिता के सबसे अच्छे मित्र अक्षांश पांडेय ने भी उनके साथ मिलकर किया है। इस एंडोमेंट की स्थापना उनके माता-पिता सीए (डॉ.) विक्रम नैय्यर (पीयू में एफडीओ) और प्रो. चंचल नारंग द्वारा 21 लाख रुपये की प्रारंभिक राशि के योगदान से की गई है। इस वार्षिक प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को क्रमशः 51,000 रुपये, 21,000 रुपये तथा 11,000 रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।साथ ही, लक्षिता नैय्यर की स्मृति में 21 लाख रुपये के एंडोमेंट से समर्थित एक वार्षिक भाषण प्रतियोगिता की भी स्थापना की जाएगी।
