उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों की हालत पहले ही खराब है और प्राइवेट स्कूलों में अभिभावकों को लूटने का काम किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों पर भी प्राइवेट स्कूल संचालकों के साथ मिलीभगत करने का भी आरोप लगाया और कहा कि अधिकारी साठगांठ कर प्राइवेट स्कूल संचालकों को मनमानी करने पर बढ़ावा दे रहे हैं, लेकिन छात्र संगठन इसे किसी कीमत पर सहन करेगा।
उन्होंने कहा कि महंगाई के दौर में पहले ही लोगों का जीना दुभर हो गया है, वहीं प्राइवेट स्कूल संचालक शिक्षा के नाम पर खुली लूट मचा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग के अधिकारी आदेश आने से पहले ही प्राइवेट स्कूलों की जांच कर चुके हैं और दावा कर रहे हैं कि प्राइवेट स्कूलों में सब ठीक चल रहा है। छात्रों ने ज्ञापन में प्राइवेट स्कूलों की निगरानी रखने के लिए एक स्पेशल कमेटी बनाने व उसमें छात्रों को शामिल करने की मांग की। उपायुक्त ने छात्रों को आश्वासन दिया कि जल्द ही उनकी मांग कमेटी बना दी जाएगी।
