लाडवा थाने में शिकायतकर्ता द्वारा पुलिस कर्मचारियों पर लगाए गए कुकर्म के आरोपों को एसपी चंद्रमोहन ने निराधार बताया है। वहीं यह भी बताया है कि पुलिस कर्मचारियों द्वारा शिकायतकर्ता की पिटाई की है।
मामले में पहले ही लाडवा थाने के दो पुलिस कर्मचारी व एक होमगार्ड जवान सस्पेंड चल रहे हैं। सोमवार को पत्रकार वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन ने कहा कि युवक द्वारा लगाए गए कई आरोप निराधार हैं। जांच में सामने आया है कि पुलिस कर्मचारियों द्वारा युवक के साथ कुकर्म नही किया। उन्होनंे कहा कि शिकायतकर्ता को लॉकअप में रखा गया था। थाने की सीसीटीवी फुटेज को गहनता से परखा गया है। सीसीटीवी फुटेज में सामने आया है कि युवक लॉकअप में हैं और उसे 10 मिनट के लिए लॉकअप से बाहर ले जाया गया और उसकी पिटाई की जाती है। ऐसे में कुकर्म का कोई मामला सामने नही आया। एसपी चंद्रमोहन ने कहा कि इस मामले में डीएसपी लाडवा निर्मल सिंह के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था। मेडिकल रिपोर्ट में सामने आया है कि शिकायतकर्ता द्वारा शराब का सेवन किया हुआ था। नशे की हालत में उसकी नाका व पुलिस थाने में पुलिस कर्मियों के साथ बहस हुई थी। एसपी ने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता जो अपने आप को बॉन कैंसर का पीडित बता रहा था, वह कैंसर पीडित नहीं है और न ही उसकी कीमो हुई है। जांच के दौरान पुलिस ने सभी आरोपियों का लाइव डिटैक्शन टेस्ट भी करवाया है, जिसमें कुकर्म की पुष्टि नहीं हुई। डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा शिकायतकर्ता का मेडिकल टेस्ट करवाया गया।
भड़का कर आरोप लगवाए गए
पत्रकार वार्ता में एसपी ने दावा किया कि शिकायतकर्ता को भड़का कर उससे आरोप लगवाए गए हैं। पुलिस कर्मचारियों द्वारा शिकायतकर्ता के साथ जो मारपीट की है, उसकी कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले की जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस दौरान डीएसपी निर्मल सिंह, इंस्पेक्टर सुरेंद्र व राजीव भी मौजूद थे।
