यज्ञ में समय सिंह आर्य यजमान रहे, जबकि वेदप्रकाश शास्त्री और दयाराम आर्य ने पुरोहित के रूप में वैदिक विधि-विधान के अनुसार यज्ञ संपन्न कराया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने समय सिंह आर्य को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, दीर्घायु और सेवामय जीवन की कामना की।
योग और यज्ञ को बताया भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि योग और यज्ञ भारतीय संस्कृति की ऐसी अमूल्य परंपराएं हैं, जो व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास का आधार हैं। नियमित योग एवं प्राणायाम जहां शरीर को स्वस्थ और मन को शांत रखते हैं, वहीं यज्ञ पर्यावरण शुद्धि, सामाजिक सद्भाव और सकारात्मक जीवन मूल्यों को बढ़ावा देता है। उन्होंने जन्मदिवस जैसे अवसरों को वैदिक यज्ञ और सेवा-संकल्प के साथ मनाने की परंपरा को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।
इस अवसर पर डॉ. युद्धवीर आर्य, कैप्टन जगरूप सिंह यादव, पूर्व मुख्याध्यापक रामकिशन यादव, बाबू भूपेंद्र सिंह यादव, नरेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर हरि प्रकाश, रामफल सहित अनेक गणमान्य नागरिक और योग साधक उपस्थित रहे। सभी ने नियमित योग-प्राणायाम को जीवन का हिस्सा बनाने तथा योग, यज्ञ और भारतीय संस्कृति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
