परिवहन मंत्री अनिल विज के प्रयासों से अम्बाला छावनी के शाहपुर में ड्राइविंग ट्रेनिंग एवं रिसर्च संस्थान (आईडीटीआर) और आटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है।
इस परियोजना के लिए लगभग 11.49 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। यह संस्थान 13 एकड़, 5 कनाल और 4 मरला भूमि पर जल्द आकार लेगा।
मंत्री विज ने बताया कि इस केंद्र की स्थापना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सैकड़ों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि इस संस्थान के माध्यम से अम्बाला और आसपास के जिलों के हजारों युवाओं को ड्राइविंग के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण देकर हुनरमंद बनाया जाएगा।
वहीं, आटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन के जरिए हर सप्ताह लगभग 300 वाहनों की फिटनेस जांच वैज्ञानिक तरीके से की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य हरियाणा में परिवहन सुविधाओं को पूरी तरह आधुनिक और सुगम बनाना है। शाहपुर का यह संस्थान सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में मील का पत्थर साबित होगा। तकनीक के माध्यम से सेवाओं को जनता तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है।
सड़क सुरक्षा में मील का पत्थर साबित होंगे
- आईडीटीआर के लाभ : यह संस्थान वैज्ञानिक प्रशिक्षण, अत्याधुनिक सिमुलेटर और ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रैक से लैस होगा। यहां हल्के और भारी वाहनों के लिए विशेष पाठ्यक्रम चलाए जाएंगे, जिससे चालकों के कौशल में सुधार होगा और दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
- एटीएस के लाभ : ऑटोमेटिक व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन में गाड़ियों की फिटनेस जांच अत्याधुनिक मशीनों द्वारा की जाएगी। यहाँ से जारी फिटनेस सर्टिफिकेट पूरे देश में मान्य होगा। किसी भी तकनीकी खामी वाली गाड़ी को अनफिट करार देकर सड़क पर उतरने से रोका जा सकेगा, जिससे सफर और अधिक सुरक्षित होगा।
