घरौंडा में इन दिनों आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा है कि पूरा क्षेत्र भगवान शिव के जयकारों से गुंजायमान हो उठा है। यहां चल रही भव्य 'शिव महापुराण कथा' में श्रद्धालुओं का उत्साह अपने चरम पर है।
सुप्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मुखारविंद से ज्ञान की गंगा सुनने के लिए रोजाना लाखों की तादाद में श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंच रहे हैं।
इस विशाल आयोजन में सबसे मुख्य आकर्षण का केंद्र यहां बनाया गया भव्य कथा मंच है, जिसे हूबहू अयोध्या के नवनिर्मित श्रीराम मंदिर के गर्भगृह की थीम पर तैयार किया गया है। कथा स्थल पर तैयार किया गया यह विशेष मुख्य मंच करीब 72 फुट लंबा और 22 फुट ऊंचा है। श्याम डेकोरेटर्स के संचालक संजय खेमका व प्रतिनिधि आदित्य खेमका ने बताया कि इस पावन मंच पर शिव परिवार, राम दरबार और राधा-कृष्ण की भव्य मूर्तियां प्रतिष्ठित की गई हैं। साथ ही मंच के शीर्ष पर तिरुवनंतपुरम स्थित सुप्रसिद्ध भगवान पद्मनाभस्वामी का विहंगम स्वरूप भी स्थापित किया गया है। खेमका ने बताया कि इस अलौकिक सेटअप को तैयार करने में करीब 10 विशेष कारीगरों ने दिल्ली में लगातार तीन महीनों तक दिन-रात काम किया है। इसके बाद फाइबर और लकड़ी के इस विशाल ढांचे को कथा स्थल पर स्थापित करने में 8 सदस्यों की तकनीकी टीम को 3 दिन का समय लगा।
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि शिव महापुराण कथा का श्रवण करने मात्र से श्रद्धालुओं के जीवन की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और मनुष्य को संसार के समस्त कष्टों व दुखों से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है। उन्होंने ज्ञानवर्धक विचार रखते हुए आगे कहा कि शिव महापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन को संस्कारवान और श्रेष्ठ बनाने में एक बेहद अहम भूमिका निभाती है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को शिव कथा का श्रवण अवश्य करना चाहिए।
