स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने शनिवार दोपहर को पीजीआईएमएस का औचक निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। स्वास्थ्य मंत्री के दौरे से डॉक्टरों, अधिकारियों में हड़कंप मच गया। इस दौरान उन्होंने मरीजों से बात की और उनकी समस्याएं सुनी।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री आरती राव चौधरी रणबीर सिंह ओपीडी पहुंची, यहां पर्ची बनाने वाले कैबिन के बाहर लोगों की लम्बी लाइनें देखकर गहरी नाराजगी जताई और अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि मरीज बड़ी उम्मीद के साथ पीजीआई ईलाज के लिए आते है, लेकिन उनको इस तरह से परेशान होना पड़ रहा है, जो कि ठीक नहीं है। एक बजे तक नए रजिस्ट्रेशन की बात पर स्वास्थ्य मंत्री ने नाराजगी जताई। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने इस दौरान लोगों की समस्याएं भी सुनी।
लोगों ने बताया कि पीजीआई में दवाईयों की भारी कमी है और डॉक्टर जानबूझकर पर्ची पर वह दवाई लिखते है जो पीजीआई में उपलब्ध ही नहीं है, जिसके चलते मजबूरन महंगे दामों पर बाहर से दवाइयां लेनी पड़ रही है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिसन विभाग का रिकार्ड भी चैक किया और जरूरी कागजात जांच के लिए अपने पास रख लिए। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने कहा कि सरकार की तरफ से 540 प्रकार की दवाईयों को प्रदेश के अस्पतालों में भेजा जाता है, लेकिन जब यहां मेडिसन विभाग का रिकार्ड चैक किया गया तो मात्र दो सौ दवाईयां ही मिली। बाकी दवाईयां क्यों नहीं मिल रही है, इसकी जांच करवाई जाएगी। साथ ही इस मामले को लेकर कमेटी भी गठित की।
