Women Empowerment Act : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि संसद उस समय नया इतिहास रचेगी, जब 2029 में लागू करने के लिए इस सप्ताह महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के एक सम्मेलन में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का लागू होना 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक है। संसद एक ऐसा नया इतिहास रचने वाली है जो अतीत की कल्पनाओं को साकार करेगा और भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा।
मोदी ने संसद के तीन दिन के विशेष सत्र से पहले यहां महिलाओं के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जब 2023 में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ संबंधी विधेयक लाया गया था, तब सभी दलों ने इसे सर्वसम्मति से पारित किया था और 2029 तक इसे लागू करने की सामूहिक मांग भी उठी थी।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से विपक्ष ने इस बात पर जोर दिया था कि विधेयक को 2029 तक लागू करना आवश्यक है। उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ नामक कार्यक्रम में कहा, ”हमारे देश की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है। ऐसा नया इतिहास, जो अतीत की परिकल्पनाओं को साकार करेगा और भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा।”
पीएम मोदी ने आगे कहा कि महिलाओं के लिए आरक्षण कानून भारत के लिए एक ऐसा संकल्प है जो समतावादी है, जहां सामाजिक न्याय केवल एक नारा नहीं बल्कि कार्य संस्कृति का एक स्वाभाविक हिस्सा है। हमारे देश में पंचायती राज संस्थाएं महिला नेतृत्व का उल्लेखनीय उदाहरण हैं।
उन्होंने कहा कि मैं यहां उपदेश देने या किसी को जागरूक करने नहीं आया हूं। मैं यहां इस देश की महिलाओं का केवल आशीर्वाद लेने आया हूं। भारत की ‘नारी शक्ति’ ने अपार योगदान दिया है। हर कोई लोकतांत्रिक ढांचों में महिलाओं के लिए आरक्षण प्रदान करने की आवश्यकता दशकों से महसूस कर रहा है।
